Fire: फर्नीचर के गोदाम में लगी भीषण आग, मची हड़कम्प

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैसरबाग के बीएन रोड स्थित मांं दुर्गा फर्नीचर हाउस के गोदाम में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गयी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग पल भर में इतनी भड़क गई की चारो तरफ की दीवारें चिटकने लगी। आसपास के दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी और गली से बाहर सड़क पर निकल आये। मौके पर कानून मंत्री बृजेश पाठक और सपा नेता रविदास मेहरोत्रा भी पहुंचे। मौके पर पहुंची 8 दमकल की गाडिय़ोंं ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया।

Fire Broke Out In Furniture Shop :

नाका के लाजपतनगर निवासी रजनीश कटियार का कैसरबाग के निशात सिनेमा के पास फनीर्चर का गोदाम है। बताया जाता है कि बुधवार की दोपहर 11.30 बजे गोदाम से धुंआ निकलते हुए लोगों ने देखा। लोगों ने फौरन खबर रजनीश को दी। कुछ ही देर मेें रजनीश अपने कर्मचारियों के साथ गोदाम पर पहुंचे तो आग पूरी तरह भड़क चुकी थी। गोदाम में लगी आग देख लोगों ने पानी डालकर उसको बुझाने की कोशिश की पर आग भड़क चुकी थी।

खिड़कियों के रास्ते लपटें बाहर निकल रही थी और दीवारे तेज आवाज के साथ चिटक रही थीं। रजनीश की सूचना पर करीब 20 मिनट बाद दमकल की दो गाडिय़ां पहुंचीं। मौके पर सबसे पहले दो दमकल की गाडिय़ां पहुंचीं। आग का विकराल रूप देख दमकल कर्मियों ने मदद के लिए और गाडिय़ों को बुला लिया। इसके बाद मौके पर दमकल की 8 गाडिय़ां पहुंचीं। गोदाम के अंदर आग इतने भयानक रुप में जल रही थी कि गोदाम का लोहे का शटर गल गया।

दीवारें दूर से तप रही थी जिसकी वजह से करीब जाना मुश्किल हो गया। सकरे रास्ते पर बने गोदाम तक दलकल के पहुंचने का रास्ता भी नहीं था। करीब पचास मीटर दूर गाडिय़ों को रोक कर पाइप की मदद से दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया, पर आग काबू में नहीं आ सकी।

इसके बाद जेसीबी मशीन बुलायी गयी। दमकल कर्मियों ने छत में छेद करके पानी डालना शुरू किया पर छत इतनी गरम हो चुकी थी कि उसपर सेकेंड भर के लिए खड़ा हो पाना मुश्किल था। किसी तरह सामने और पीछे की दीवारों को तोड़कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। शाम करीब चार बजे दमकल कर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पा लिया। देर रात गोदाम में रखा फर्नीचर और फॉल सुलगता रहा।

स्थानीय लोगों में दिखा गुस्सा
घटना की जानकारी पाकर पहले पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा पहुंचे। उनको देख लोग आक्रोशित हो गये और नारेबाजी करने लगे। लोगों का कहना था कि इस तरह की व्यवसायिक गतिविधियों को अनुमति देकर जिंदगियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। गोदाम में भीषण आग लगने से दर्जनों मकान चपेट में आ सकते थे। घरों में धुंआ भरने से दम घुटने लगा था। बुजुर्गों और बच्चों को किसी तरह जान बचाकर बाहर निकाला गया। थोड़ी देर बाद मंत्री बृजेश पाठक पहुंचे। उन्होंने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत करवाय। गोदाम ने लगी आग की वजह से 20 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। गोदाम में आग किन कारणों के चलते लगी, फिलहाल इस बात का पता नहीं चल सका है। गोदाम में आग से निपटने का कोई मानक भी पूरा नहीं था।

ट्रैफिक को डाइवर्ट करना पड़ा
फर्नीचर गोदाम में आग लगने पर पुलिस ने एहतियातन कैसरबाग चौराहे पर बैरिकेटिंग लगाकर बीएन रोड पर बड़े वाहनों का जाना रोक दिया। चौराहे पर पुलिस टीम को तैनात कर वाहनों को शुभम सिनेमा वाली रोड की ओर डायवर्ट कर दिया गया। गोदाम में कई घंटों तक आग दहकने से पुलिस को आशंका थी कि लोगों के बीच भगदड़ का माहौल न उत्पन्न हो जाये।

दो क्लीनिक को पुलिस ने कराया खाली
फर्नीचर गोदाम के दोनों तरफ दो बड़े क्लीनिक हंै। घटना के वक्त दोनों ही क्लीनिकों में मरीज मौजूद थे। गोदाम में लगी आग की वजह से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी। कैसरबाग पुलिस ने सबसे पहले क्लीनिक को खाली करवा कर लोगों का सुरक्षित बाहर निकाला।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैसरबाग के बीएन रोड स्थित मांं दुर्गा फर्नीचर हाउस के गोदाम में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गयी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग पल भर में इतनी भड़क गई की चारो तरफ की दीवारें चिटकने लगी। आसपास के दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी और गली से बाहर सड़क पर निकल आये। मौके पर कानून मंत्री बृजेश पाठक और सपा नेता रविदास मेहरोत्रा भी पहुंचे। मौके पर पहुंची 8 दमकल की गाडिय़ोंं ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। नाका के लाजपतनगर निवासी रजनीश कटियार का कैसरबाग के निशात सिनेमा के पास फनीर्चर का गोदाम है। बताया जाता है कि बुधवार की दोपहर 11.30 बजे गोदाम से धुंआ निकलते हुए लोगों ने देखा। लोगों ने फौरन खबर रजनीश को दी। कुछ ही देर मेें रजनीश अपने कर्मचारियों के साथ गोदाम पर पहुंचे तो आग पूरी तरह भड़क चुकी थी। गोदाम में लगी आग देख लोगों ने पानी डालकर उसको बुझाने की कोशिश की पर आग भड़क चुकी थी। खिड़कियों के रास्ते लपटें बाहर निकल रही थी और दीवारे तेज आवाज के साथ चिटक रही थीं। रजनीश की सूचना पर करीब 20 मिनट बाद दमकल की दो गाडिय़ां पहुंचीं। मौके पर सबसे पहले दो दमकल की गाडिय़ां पहुंचीं। आग का विकराल रूप देख दमकल कर्मियों ने मदद के लिए और गाडिय़ों को बुला लिया। इसके बाद मौके पर दमकल की 8 गाडिय़ां पहुंचीं। गोदाम के अंदर आग इतने भयानक रुप में जल रही थी कि गोदाम का लोहे का शटर गल गया। दीवारें दूर से तप रही थी जिसकी वजह से करीब जाना मुश्किल हो गया। सकरे रास्ते पर बने गोदाम तक दलकल के पहुंचने का रास्ता भी नहीं था। करीब पचास मीटर दूर गाडिय़ों को रोक कर पाइप की मदद से दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया, पर आग काबू में नहीं आ सकी। इसके बाद जेसीबी मशीन बुलायी गयी। दमकल कर्मियों ने छत में छेद करके पानी डालना शुरू किया पर छत इतनी गरम हो चुकी थी कि उसपर सेकेंड भर के लिए खड़ा हो पाना मुश्किल था। किसी तरह सामने और पीछे की दीवारों को तोड़कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। शाम करीब चार बजे दमकल कर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पा लिया। देर रात गोदाम में रखा फर्नीचर और फॉल सुलगता रहा। स्थानीय लोगों में दिखा गुस्सा घटना की जानकारी पाकर पहले पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा पहुंचे। उनको देख लोग आक्रोशित हो गये और नारेबाजी करने लगे। लोगों का कहना था कि इस तरह की व्यवसायिक गतिविधियों को अनुमति देकर जिंदगियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। गोदाम में भीषण आग लगने से दर्जनों मकान चपेट में आ सकते थे। घरों में धुंआ भरने से दम घुटने लगा था। बुजुर्गों और बच्चों को किसी तरह जान बचाकर बाहर निकाला गया। थोड़ी देर बाद मंत्री बृजेश पाठक पहुंचे। उन्होंने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत करवाय। गोदाम ने लगी आग की वजह से 20 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। गोदाम में आग किन कारणों के चलते लगी, फिलहाल इस बात का पता नहीं चल सका है। गोदाम में आग से निपटने का कोई मानक भी पूरा नहीं था। ट्रैफिक को डाइवर्ट करना पड़ा फर्नीचर गोदाम में आग लगने पर पुलिस ने एहतियातन कैसरबाग चौराहे पर बैरिकेटिंग लगाकर बीएन रोड पर बड़े वाहनों का जाना रोक दिया। चौराहे पर पुलिस टीम को तैनात कर वाहनों को शुभम सिनेमा वाली रोड की ओर डायवर्ट कर दिया गया। गोदाम में कई घंटों तक आग दहकने से पुलिस को आशंका थी कि लोगों के बीच भगदड़ का माहौल न उत्पन्न हो जाये। दो क्लीनिक को पुलिस ने कराया खाली फर्नीचर गोदाम के दोनों तरफ दो बड़े क्लीनिक हंै। घटना के वक्त दोनों ही क्लीनिकों में मरीज मौजूद थे। गोदाम में लगी आग की वजह से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी। कैसरबाग पुलिस ने सबसे पहले क्लीनिक को खाली करवा कर लोगों का सुरक्षित बाहर निकाला।