गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में लगी आग, अहम दस्तावेज़ जलकर खाक

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज(बीआरडी) एक बार फिर चर्चा में है। इस बार चर्चा का विषय मेडिकल कॉलेज में लगी आग है। बीआरडी अस्पताल के प्रिसिपल ऑफिस में आग लगने से वहां पर मौजूद कई जरूरी दस्तावेज़ जलकर खाक हो गए। आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया। सूत्रों की मानें तो आग लगने की घटना संदिग्ध है। आग लगने के कारणों की जांच के लिए जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने सीएफओ डीके सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की है।

Fire In Brd Medical College Of Gorakhpur :

बताते चलें कि बीते साल अगस्त में 72 घंटों के भीतर 63 बच्चों की मौत के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के गृहनगर गोरखपुर का बीआरडी अस्पताल सुर्खियों में आया था। आरोप था कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते बच्चों ने दम तोड़ दिया। यूपी के मुख्य सचिव की चार सदस्यीय कमेटी ने गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में हुए बच्चों की मौत के जिम्मेदार लोगों और हादसे के दोषियों की पहचान कर अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी। इस रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और डॉ. कफील खान सहित 4 लोगों को दोषी ठहराया गया।

वहीं बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स के संचालकों, डॉ. राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी समेत सात से ज्यादा कर्मचारियों-डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज(बीआरडी) एक बार फिर चर्चा में है। इस बार चर्चा का विषय मेडिकल कॉलेज में लगी आग है। बीआरडी अस्पताल के प्रिसिपल ऑफिस में आग लगने से वहां पर मौजूद कई जरूरी दस्तावेज़ जलकर खाक हो गए। आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया। सूत्रों की मानें तो आग लगने की घटना संदिग्ध है। आग लगने के कारणों की जांच के लिए जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने सीएफओ डीके सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की है।बताते चलें कि बीते साल अगस्त में 72 घंटों के भीतर 63 बच्चों की मौत के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के गृहनगर गोरखपुर का बीआरडी अस्पताल सुर्खियों में आया था। आरोप था कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते बच्चों ने दम तोड़ दिया। यूपी के मुख्य सचिव की चार सदस्यीय कमेटी ने गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में हुए बच्चों की मौत के जिम्मेदार लोगों और हादसे के दोषियों की पहचान कर अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी। इस रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और डॉ. कफील खान सहित 4 लोगों को दोषी ठहराया गया।वहीं बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स के संचालकों, डॉ. राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी समेत सात से ज्यादा कर्मचारियों-डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी।