यारी हो तो ऐसी, फिरोज खान-विनोद खन्ना ने एक ही दिन दुनिया को कहा अलविदा

मुंबई| बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता विनोद खन्ना का निधन हो गया है| वह 70 साल के थे| उन्होंने मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में अंतिम सांस ली| ख़ास बात यह है कि उनकी फिल्मों में उनके साथ नजर आए फिरोज खान का निधन भी 27 अप्रैल को हुआ था| फिरोज खान और विनोद खन्ना फिल्म दयावान, कुर्बानी और शंकी शंम्भू में साथ नजर आए थे| कुर्बानी में फिरोज खान निर्माता, निर्देशक और अभिनेता तीनों भूमिका में थे| इस फिल्म के बाद फिरोज खान और विनोद खन्ना काफी अच्छे दोस्त बन गए थे| विनोद खन्ना की तरह फिरोज खान ने भी भी दुनिया को 27 अप्रैल को अलविदा कहा| फिरोज का निधन 2009 में हुआ था|




बता दें कि बीते दिनों विनोद खन्ना की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमें वह काफी कमजोर नजर आ रहे थे| इसके बाद कई बॉलीवुड हस्तियों ने अस्पताल में जाकर उनसे मुलाकात भी की थी| खन्ना के एक पारिवारिक मित्र ने बताया कि उन्हें एक महीने पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था| खन्ना के परिवार में उनकी पत्नी और दो अभिनेता बेटे हैं| खन्ना पंजाब में गुरदासपुर निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के लोकसभा सांसद थे| वह इस सीट से चौथी बार सांसद थे| खन्ना को कथित तौर पर डिहाइड्रेशन की समस्या के कारण अप्रैल के पहले सप्ताह में सर एच.एन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

वर्ष 1969 में छोटी भूमिकाओं से अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता ने इसके बाद कई सफल फिल्में दीं| बॉलीवुड में उन्होंने ‘मेरे अपने’, ‘इंसाफ’, ‘परवरिश’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘कुर्बानी’, ‘दयावान’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘चांदनी, द बर्निग ट्रेन’ तथा ‘अमर, अकबर, एंथनी’ जैसी फिल्मों में काम किया था|




खन्ना वर्ष 1998 में पहली बार गुरदासपुर से निर्वाचित हुए थे| इसके बाद 1999 और 2004 के आम चुनावों में भी वह इस सीट से निर्वाचित हुए लेकिन 2009 में वह कांग्रेस उम्मीदवार प्रताप सिंह बाजवा से हार गए। हालांकि वर्ष 2014 में वह एक बार फिर इस सीट से जीत गए| उन पर हालांकि अपने संसदीय क्षेत्र से लगातार अनुपस्थित रहने का आरोप लगा, पर वह अपने क्षेत्र में लगातार लोकप्रिय रहे| खन्ना का जन्म पेशावर (अब पाकिस्तान में) में एक पंजाबी परिवार में हुआ था|