अगस्त में खुल जायेगा मिजोरम का पहला मेडिकल कॉलेज

इम्फाल। मिजोरम में पहला मेडिकल कॉलेज अगस्त महीने में खुलने जा रहा है। मिजोरम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज ऑफ रिसर्च के निदेशक एल.फिमेट ने शनिवार को बताया कि यह कॉलेज फलकॉन में स्थित है और यहां भारतीय मेडिकल परिषद (एमसीआई) के निर्देश के अनुरूप सभी तरह का जरूरी बुनियादी ढांचा मुहैया कराया गया है।

First Medical College Of Mizoram To Be Opened In August :

उन्होंने कहा, “एमसीआई ने कॉलेज की स्थापना के लिए अनुमति पत्र की अनुशंसा की है।” मिजोरम के मुख्यमंत्री लाल थनहॉला ने राज्य में मेडिकल में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों की बढ़ रही संख्या को ध्यान में रखते हुए संस्थान के गठन की शुरुआत की।

फिमेट ने कहा, “मिजोरम को इम्फाल में रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में हर साल सिर्फ 10 सीटें मिलती रही हैं। यह सेंट्रल कॉलेज है। मिजोरम के मेडिकल में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए देश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में सीट मिलना लगभग नामुमकिन था।”

शुरुआत में कॉलेज की क्षमता 100 छात्रों की होगी। कॉलेज की 85 फीसदी सीटें मिजोरम के छात्रों के लिए आरक्षित रखी गई है। फिमेट इससे पहले लगभग छह वर्षो तक रिम्स के निदेशक रहे। वह रिम्स में फॉरेंसिक साइंसेज के प्रमुख के पद पर भी रहे।

इम्फाल। मिजोरम में पहला मेडिकल कॉलेज अगस्त महीने में खुलने जा रहा है। मिजोरम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज ऑफ रिसर्च के निदेशक एल.फिमेट ने शनिवार को बताया कि यह कॉलेज फलकॉन में स्थित है और यहां भारतीय मेडिकल परिषद (एमसीआई) के निर्देश के अनुरूप सभी तरह का जरूरी बुनियादी ढांचा मुहैया कराया गया है। उन्होंने कहा, "एमसीआई ने कॉलेज की स्थापना के लिए अनुमति पत्र की अनुशंसा की है।" मिजोरम के मुख्यमंत्री लाल थनहॉला ने राज्य में मेडिकल में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों की बढ़ रही संख्या को ध्यान में रखते हुए संस्थान के गठन की शुरुआत की। फिमेट ने कहा, "मिजोरम को इम्फाल में रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में हर साल सिर्फ 10 सीटें मिलती रही हैं। यह सेंट्रल कॉलेज है। मिजोरम के मेडिकल में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए देश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में सीट मिलना लगभग नामुमकिन था।" शुरुआत में कॉलेज की क्षमता 100 छात्रों की होगी। कॉलेज की 85 फीसदी सीटें मिजोरम के छात्रों के लिए आरक्षित रखी गई है। फिमेट इससे पहले लगभग छह वर्षो तक रिम्स के निदेशक रहे। वह रिम्स में फॉरेंसिक साइंसेज के प्रमुख के पद पर भी रहे।