राजधानी में पहली बारिश ने निगली मासूम की जिन्दगी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार को हुई तेज़ बारिश ने जहां सारे शहर को गर्मी से राहत दिलाई वहीं दूसरी ओर यह बारिश एक गरीब परिवार पर मातम बनकर बरसी। भारी बरसात से उफनाए नाले में बहने से इस परिवार के तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गयी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते उनके बेटे की मौत हुई है।

मामला लखनऊ के विकासनगर का है। जहां सब्जी विक्रेता अपनी पत्नी, दो बच्चों चंदा(5) और लक्ष्य(3) के साथ रहता है। शनिवार को हुई बारिश के दौरान लक्ष्य घर के बाहर खेल रहा था कि अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नाले में जा गिरा। बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव तेज था इसलिए बच्चा उसमें बह गया। बच्चे को नाले में बहता देख स्थानीय लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की। जब​ तक लक्ष्य को नाले से बाहर निकाला गया वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। आनन फानन में उसे ​नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे ट्रामा सेंटर रिफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद लक्ष्य को मृत घोषित कर दिया।

लक्ष्य की मौत से गुस्साए स्थानीय लोगों ने नगर​ निगम पर आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि नगर निगम कर्मचारियों ने नाले की साफ-सफाई करने के दौरान किनारे रखे पत्थरों को हटाया था, लेकिन सफाई होने के बाद पत्थरों को दोबारा नहीं लगाया गया। नाला पूरी तरह से खुला हुआ था, जिस वजह से यह हादसा हो गया।

प्रदर्शन की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अपर मिजिस्ट्रेट सप्तम अभिनव श्रीवास्तव ने मृतक बच्चे के परिजनों को 20 हजार रुपए एक्सीडेंटल और 3 लाख रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष से दिलाए जाने की आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया।