सोमवार से शुरू होगा संसद का पहला सत्र, संसद सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, तीन तलाक बिल पर समर्थन मांगेगी सरकार

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सोमवार से शुरू होगा संसद का पहला सत्र, संसद सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, तीन तलाक बिल पर समर्थन मांगेगी सरकार

नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला संसद सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। संसद सत्र की शुरूआत से एक दिन पहले सरकार सवर्दलीय बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं से चर्चा कर रही है। इस दौरान सरकार आगामी एजेंडे को लेकर विपक्षी दल को अवगत करायेगी। इसके साथ ही अहम मुद्दों पर उनका समर्थन मांगेगी। खासतौर पर तीन तलाक बिल जैसे अहम मसले पर बीजेपी को राज्यसभा में गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों से समर्थन की उम्मीद है। सरकार ने आगामी सत्र में एक बार फिर से तीन तलाक बिल को पेश किए जाने की बात कही है।

First Session Of Parliament Will Start On Monday All Party Meeting Before Parliament Session :

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी दलों से संसद सत्र में सहयोग करने की अपील की है। 17वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक चलेगा। बताया जा रहा है कि 19 जून को लोकसभा स्पीकर का चुनाव होगा और 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। वहीं लोकसभा सत्र से पहले दो दिन सभी निर्वाचित सदस्यों को सदन की सदस्यता ​की शपथ दिलाई जायेगी।

19 जून को स्पीकर के चुनाव के बाद 20 जून को संसद के संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति संबोधित करेंगे। इसके बाद संसद सत्र में सरकार कई बड़े बिल को कानून बनाने की कोशिश करेगी।मोदी सरकार की कोशिश है कि संसद के पहले सत्र में 10 अध्यादेश को कानून की शक्ल दे दी जाए। हालांकि सरकार के लिए ये करना आसान नहीं होगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि उनकी संख्या भले ही कम हो लेकिन वह इंच—इंच के लिए लड़ेंगे।

गौरतलब है कि तीन तलाक बिल को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर से अलग राय रखते हुए कहा है कि सरकार को सभी दलों की सहमति से इस पर आगे बढ़ना चाहिए। बता दें कि इससे पहले यह बिल लोकसभा में पास हुआ था, लेकिन राज्यसभा में लटक गया था।

नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला संसद सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। संसद सत्र की शुरूआत से एक दिन पहले सरकार सवर्दलीय बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं से चर्चा कर रही है। इस दौरान सरकार आगामी एजेंडे को लेकर विपक्षी दल को अवगत करायेगी। इसके साथ ही अहम मुद्दों पर उनका समर्थन मांगेगी। खासतौर पर तीन तलाक बिल जैसे अहम मसले पर बीजेपी को राज्यसभा में गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों से समर्थन की उम्मीद है। सरकार ने आगामी सत्र में एक बार फिर से तीन तलाक बिल को पेश किए जाने की बात कही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी दलों से संसद सत्र में सहयोग करने की अपील की है। 17वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक चलेगा। बताया जा रहा है कि 19 जून को लोकसभा स्पीकर का चुनाव होगा और 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। वहीं लोकसभा सत्र से पहले दो दिन सभी निर्वाचित सदस्यों को सदन की सदस्यता ​की शपथ दिलाई जायेगी। 19 जून को स्पीकर के चुनाव के बाद 20 जून को संसद के संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति संबोधित करेंगे। इसके बाद संसद सत्र में सरकार कई बड़े बिल को कानून बनाने की कोशिश करेगी।मोदी सरकार की कोशिश है कि संसद के पहले सत्र में 10 अध्यादेश को कानून की शक्ल दे दी जाए। हालांकि सरकार के लिए ये करना आसान नहीं होगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि उनकी संख्या भले ही कम हो लेकिन वह इंच—इंच के लिए लड़ेंगे। गौरतलब है कि तीन तलाक बिल को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर से अलग राय रखते हुए कहा है कि सरकार को सभी दलों की सहमति से इस पर आगे बढ़ना चाहिए। बता दें कि इससे पहले यह बिल लोकसभा में पास हुआ था, लेकिन राज्यसभा में लटक गया था।