IM के पाँच आतंकियो को मिलेगी सज़ा-ए-मौत

हैदराबाद। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) के सरगना यासीन भटकल समेत 5 आतंकियों को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कोर्ट ने सोमवार को फांसी की सजा सुनाई। बीते मंगलवार को कोर्ट ने सभी को हैदराबाद के दोहरे ब्लास्ट केस में दोषी करार दिया था। 3 साल पहले हुए इन धमाकों में 18 लोग मारे गए थे। हैदराबाद ब्लास्ट में दोषी पाए गए आतंकियों पर आरोप है कि इन्होंने देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का साजिश रची थी।




मिली जानकारी के मुताबिक यह पहला मौका है कि जब आईएम आतंकियों को किसी ब्लास्ट केस में सजा-ए-मौत सुनाई गई है। इस फैसले तक पहुंचने के लिए कोर्ट को भी काफी मेहनत करनी पड़ी। पिछले साल शुरू हुई सुनवाई में NIA ने कुल 150 गवाह पेश किए। तब जाकर यह बात साबित हुई कि आतंकियों ने दिलसुखनगर में ब्लास्ट करने से पहले हैदराबाद के बाहर एक पहाड़ी पर ब्लास्ट का टेस्ट भी किया था। इंटरनेट पर चैटिंग के जरिए साजिश रची गई। इस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आईएम को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई फंडिंग करती है। ISIS से भी इस आतंकी संगठन का लिंक रहा है। 21 फरवरी, 2013 को दिलसुखनगर इलाके के कोणार्क और वेंकटादिरी थिएटर के बाहर आईईडी ब्लास्ट हुए थे जिसमे 18 लोग मारे गए।




ब्लास्ट का मुख्य आरोपी रियाज आज भी फरार है

यासीन को सितंबर, 2013 में नेपाल बॉर्डर से गिरफ़्तार किया गया था। एक साल तिहाड़ जेल में रहने के बाद NIA ने उसे हैदराबाद की चेरलापल्ली जेल शिफ़्ट किया था। हैदराबाद के दिलसुखनगर ब्लास्ट केस में आईएम के 5 आतंकियों असदुल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी, तहसीन अख्तर उर्फ मोनू, यासीन भटकल, रहमान उर्फ वकास, एजाज शेख और रियाज भटकल पर केस दर्ज किया गया था। इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड रियाज आज भी फरार है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि रियाज नेपाल या पाकिस्तान में हो सकता है। एनआईए ने कहा था, ”आईएम को 22 जून, 2009 में बैन किया गया। उसने 2008 में दिल्ली, अहमदाबाद, जयपुर औरसूरत में ब्लाट किए। 2010 में यूपी के वाराणसी, फैजाबाद, और लखनऊ कोर्ट में हुए धमाकों का शक भी इसी गुट पर है। इसके अलावा 2007 में हैदराबाद और 2011 में मुंबई
सीरियल ब्लास्ट के पीछे भी इसी संगठन का हाथ बताया जाता है।”




कौन है यासीन भटकल ?

यासीन का जन्म कर्नाटक के उडुपी जिले के भटकल गांव में हुआ। उसकी शुरुआती तालीम एक मदरसे में हुई। जिसके बाद वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पुणे आया, जहां उसकी मुलाकात इकबाल और रियाज भटकल से हुई। उन्होंने आतंकी संगठन आईएम बनाया। यासीन पर मुंबई पुलिस और एनआईए ने 10-10 लाख का इनाम रखा था। उसे बम बनाने का एक्सपर्ट माना जाता है। अगस्त, 2016 में लश्कर-ए-तैयबा के बम एक्सपर्ट अब्दुल करीम टुंडा की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियों को यासीन के बारे में सुराग मिला।