माया के स्मारकों से जुड़े एलडीए के पांच अफसरों पर होगी कार्रवाई, सतर्कता विभाग ने इनसे जुड़े मांगे दस्तावेज

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माया के स्मारकों से जुड़े एलडीए के पांच अफसरों पर होगी कार्रवाई, सतर्कता विभाग ने इनसे जुड़े मांगे दस्तावेज

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो व उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में बने स्मारकों के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की पोल परत दर परत खुल रही है। स्मारकों के निर्माण से जुड़े पांच इंजीनियरों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने जा रही है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक ने इन अधिकारियों के बारे में एलडीए से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

Five Lda Officials Will Be Involved In Monuments Action Will Be Taken By The Department Of Vigilance :

इसके साथ ही वर्ष 2007 से 2011 के बीच हुए स्मारकों के निर्माण से जुड़ी सभी फाइलें व उनसे जुड़े सभी दस्तावेज भी मांगे हैं। वहीं इसको लेकर शासन भी सख्त हो गया है। उसने एलडीए को पत्र लिखकर तत्काल सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। शासन के इस आदेश के बाद हड़कंप मचा हुआ है। एलडीए के अफसर इसको लेकर स्मारकों से जुड़े अधिकारियों का ब्योरा जुटाने में जुड़े हैं।

शासन के अनुसचिव अजय कुमार सिंह ने 24 मई को एलडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर सतर्कता जांच के लिए अधिकारियों से जुड़े दस्तावेज तत्काल देने को कहा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि स्मारक निर्माण से जुड़े पांच अधिकारियों ने स्मारकों क निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। इनमें एलडीए के तत्कालीन मुख्य अभियन्ता त्रिलोकी नाथ, तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता विमल कुमार सोनकर, अधिशासी अभियन्ता महेन्द्र सिंह गुरिदत्ता, तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता राकेश कुमार शुक्ला तथा तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता व संयुक्त निदेशक विकास एसबी मिश्रा मुख्य है।

बता दें कि स्मारकों का निर्माण राजकीय निर्माण निगम ने कराया था लेकिन इन अधिकारियों की भूमिका इसमें अहम थी। इसमें से ज्यादातर अधिकारी रिटायर हो चुके हैं। ​फिलहाल शासन ने मूल फाइलें भी सतर्कता विभाग को देने का निर्देष दिया है। सूत्रों की माने तो इनसे जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद कई अफसर और अधिकारी भी इसमें फसेंगे, जिसनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

सतर्कता विभाग ने यह जानकारी मांगी
— प्रत्येक आरोपितों का सेवा और नियुक्त विवरण।
— एलडीए को नोडल एजेंसी बनाये जाने का शासनादेश।
— इनको सौंपे गए कार्यों के आदेश की प्रति।
— अम्बेडकर स्मारक के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत सम्बंधी पेपर व आगणन।
— सभी स्वीकृतियों से सम्बंधित मूल फाइलें।
— स्मारकों के निमाग्ण से जुड़े अधिकारियों के नाम, ​नियुक्त की अवधि, पता, फोन नंबर और वर्तमान पता।
— पहली नियुक्ति से वर्ष 2011 तक वेतन विवरण।
— आरोपियों के संपत्तियों का विवरण और इनकी व्यक्तिगत पत्रावली।

 

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो व उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में बने स्मारकों के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की पोल परत दर परत खुल रही है। स्मारकों के निर्माण से जुड़े पांच इंजीनियरों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने जा रही है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक ने इन अधिकारियों के बारे में एलडीए से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही वर्ष 2007 से 2011 के बीच हुए स्मारकों के निर्माण से जुड़ी सभी फाइलें व उनसे जुड़े सभी दस्तावेज भी मांगे हैं। वहीं इसको लेकर शासन भी सख्त हो गया है। उसने एलडीए को पत्र लिखकर तत्काल सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। शासन के इस आदेश के बाद हड़कंप मचा हुआ है। एलडीए के अफसर इसको लेकर स्मारकों से जुड़े अधिकारियों का ब्योरा जुटाने में जुड़े हैं। शासन के अनुसचिव अजय कुमार सिंह ने 24 मई को एलडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर सतर्कता जांच के लिए अधिकारियों से जुड़े दस्तावेज तत्काल देने को कहा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि स्मारक निर्माण से जुड़े पांच अधिकारियों ने स्मारकों क निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। इनमें एलडीए के तत्कालीन मुख्य अभियन्ता त्रिलोकी नाथ, तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता विमल कुमार सोनकर, अधिशासी अभियन्ता महेन्द्र सिंह गुरिदत्ता, तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता राकेश कुमार शुक्ला तथा तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता व संयुक्त निदेशक विकास एसबी मिश्रा मुख्य है। बता दें कि स्मारकों का निर्माण राजकीय निर्माण निगम ने कराया था लेकिन इन अधिकारियों की भूमिका इसमें अहम थी। इसमें से ज्यादातर अधिकारी रिटायर हो चुके हैं। ​फिलहाल शासन ने मूल फाइलें भी सतर्कता विभाग को देने का निर्देष दिया है। सूत्रों की माने तो इनसे जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद कई अफसर और अधिकारी भी इसमें फसेंगे, जिसनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। सतर्कता विभाग ने यह जानकारी मांगी — प्रत्येक आरोपितों का सेवा और नियुक्त विवरण। — एलडीए को नोडल एजेंसी बनाये जाने का शासनादेश। — इनको सौंपे गए कार्यों के आदेश की प्रति। — अम्बेडकर स्मारक के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत सम्बंधी पेपर व आगणन। — सभी स्वीकृतियों से सम्बंधित मूल फाइलें। — स्मारकों के निमाग्ण से जुड़े अधिकारियों के नाम, ​नियुक्त की अवधि, पता, फोन नंबर और वर्तमान पता। — पहली नियुक्ति से वर्ष 2011 तक वेतन विवरण। — आरोपियों के संपत्तियों का विवरण और इनकी व्यक्तिगत पत्रावली।