बिहार के 12 जिले बाढ़ की चपेट में, अब तक 30 से ज्यादा मौतें

पटना। नेपाल में लगातार जारी भारी बारिश ने बिहार के सीमांत इलाकों में विकराल रूप ले लिया है। नेपाल से होकर बिहार में निकलने वाली तमाम नदियां जहां खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं, वहीं दूसरी ओर बारिश भी आम जनजीवन को अस्त व्यस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। परिणाम स्वरूप बिहार के 12 जिलों में बाढ़ से अब तक 30 से ज्यादा मौतों की खबर आ चुकी है। बाढ़ से बिगड़ते हालातों पर चिंता जाहिर करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर केन्द्र सरकार से मदद मांगी है।

बिहार के बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बताया है कि नेपाल से आ रही बाढ़ में अब तक करीब 40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। तराई के निचले इलाकों में बसे करीब दो सौ से ज्यादा गांव और कई कस्बों में पानी का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाने से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाया जा रहा है।

{ यह भी पढ़ें:- एक मिस कॉल से शुरू हुई लव स्टोरी, सामने देख छात्रा के उड़े होश }

अपने हवाई दौरे के बाद सीएम नीतीश कुमार ने अररिया और किशनगंज के बिगड़ते हालातों को देखते हुए केन्द्र सरकार से सैन्य मदद मुहैया कराने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने केन्द्र सरकार से अतिरिक्त एनडीआरएफ की ​टुकड़ियां भी बिहार भेजने को कहा है।

सीएम नीतीश कुमार की अपील पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाढ़ राहत के लिए हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा है कि एनडीआरएफ की टीमें बिहार में राहत कार्य में लगी हुईं हैं। केन्द्र सरकार ने बिहार के हालात पर नजर बनाई हुई है। उनकी संवेदनाएं बाढ़ पीड़ित नागरिकों के साथ हैं। वह हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।

{ यह भी पढ़ें:- गरीबों का दर्द नहीं समझते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी: मनमोहन सिंह }

नीतीश कुमार ने अपने दौरे से लौटने के बाद कहा है कि जल्द ही बाढ़ राहत शिविर शुरू कर दिए जाएंगे। फिलहाल बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत कार्य शुरू है। बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध करवाने के लिए हेलीकॉप्टर से खाने के पैकेट गिराए जा रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक कोसी में जलस्तर और तेजी बढ़ने की आशंका है, क्योंकि नेपाल के बराह क्षेत्र में कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य के अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी में स्थिति गंभीर है। इन इलाकों में नदियों से लेकर नहरें तक रौद्र रूप ले चुकीं हैं। नेपाल की ओर से आ रहे पानी से स्थिति गंभीर होती नजर आ रही है।

बताया जा रहा है कि एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचना शुरू हो गईं हैं। सेना के जवानों ने भी संकटग्रस्त इलाकों की ओर कूंच कर दी है।

{ यह भी पढ़ें:- महानगरों की तरह ही नगर पालिकाओं का विकास होगा : केशव प्रसाद मौर्य }

Loading...