कश्मीरवासियों के लिए राहत भरी, बाढ़ का ख़तरा टला

जम्मू: कश्मीर घाटी में चार दिनों से छाए बादलों के शनिवार को छंटने से घाटी पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा टल गया है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “हालांकि झेलम नदी आज (शनिवार) सुबह सात बजे तक भी राम मुंशीबाग में बाढ़ के निशान से ऊपर बह रही है, लेकिन अनंतनाग के संगम में इसका जलस्तर खतरे के निशान से नीचे हो गया है।”




जम्मू एवं कश्मीर में झेलम की सभी सहायक नदियों का जलस्तर नीचे आ गया है। अधिकारी ने कहा, “घाटी में पिछले कुछ दिनों से मंडरा रहा बाढ़ का खतरा समाप्त हो गया है।” हालांकि, अधिकारी ने कहा कि विभाग के कर्मचारियों को तब तक हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है, जब तक कि कुछ स्थानों पर नदी, नालों की मेड़ों में हुई टूट-फूट की मरम्मत नहीं हो जाती।




कश्मीर विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि शनिवार को होने वाली सभी परीक्षाएं घोषित समय पर ही होंगी, लेकिन घाटी के शैक्षणिक संस्थान सोमवार तक बंद रहेंगे। हालांकि, मौसम में सुधार के बावजूद घाटी में कई स्थानों पर पानी भरे होने के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में कई गांव अब भी जलमग्न हैं। प्रशासन का कहना है अगले दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। इसी बीच, मौसम विभाग ने मंगलवार तक घाटी में मौसम सामान्य रहने की संभावना जताई है।