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पूर्वांचल में बाढ़:सभी प्रमुख नदियां उफनाईं,गोरखपुर के 63 गांव पानी से घिरे, इस गांव को खाली कराने का निर्देश

By Editor-Vijay Chaurasiya 
Updated Date

गोरखपुर:राप्ती-रोहिन, गोर्रा और सरयू नदियां पूर्वांचल में कहर बरपाने लगी हैं। इन नदियों की बाढ़ की चपेट में गोरखपुर के 63 गांव आ गए हैं। इन गांवों में पानी फैल रहा है जिससे ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है। जिला प्रशासन ने इन गांवों के लोगों की सुविधा के लिए 126 नावें लगा दी हैं।

राप्ती-रोहिन और सरयू नदी पहले ही खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। गोर्रा नदी भी खतरे का निशान पार कर चुकी है।नदियां कटान भी करने लगी हैं। राप्ती, रोहिन, सरयू और गोर्रा का पानी बंधों पर दबाव बना रहा है। जंगल कौड़िया, खोराबार और ब्रह्मपुर ब्लाक में तेजी से कटान हो रही है। नदी काफी नुकसान पहुंचा रही है।

नदियों के रौद्र रूप को देखकर जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारी और सिंचाई विभाग के अधिकारी बंधों पर भ्रमण कर रहे हैं। कई स्थानों पर बंधों में रिसाव हो रहा था जिसे अधिकारियों ने बंद कराया। कुछ स्थानों पर रेन कट और रैटहोल मिले जिसे भरवा दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी 86 बाढ़ चौकियों पर जिम्मेदारों को सतर्क रहने को कहा है।

एक नजर में गोरखपुर की नदियां
नदी                 स्थान                 खतरे का निशान                शनिवार को नदियों का जल स्तर
सरयू               अयोध्या               92.73 मीटर                       92.70 मीटर
सरयू               तुर्तीपार                64.01 मीटर                       64.64 मीटर
कुआनो           मुखलिसपुर           78.65 मीटर                       77.96 मीटर
राप्ती               बर्डघाट               74.98 मीटर                       76.04 मीटर
रोहिन             त्रिमुहानी घाट          82.44 मीटर                       83.13 मीटर

गोरखपुर जिले में बाढ़ एक नजर में
-बाढ़ से प्रभावित गांव : 63
-प्रभावित गांवों में लगी नावें : 126
-जिले में बाढ़ वौकियां : 86

उप जिलाधिकारियों ने किया बंधों का निरीक्षण
जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर जिले के सभी उप जिलाधिकारियों ने अपने-अपने साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लेकर बंधों का निरीक्षण किया। जहां भी कोई दिक्कत दिखी अधिकारियों ने उसे दूर कराया।

खोराबार, बरही और जंगल कौड़िया में कटान
राप्ती नदी में बरही, खोराबार और जंगल कौड़िया में कटान कर रही है। नदी का पानी बंधों पर दबाव बना रहा है जिसकी वजह से आस-पास के गांवों के लोग सहमे हुए हैं।

जगदीशपुर गांव को खाली करने का निर्देश 
राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के पानी का दबाव बंधों व तटवर्ती गांवों पर बढ़ गया है। प्रशासन ने जगदीशपुर गांव को खाली करने का निर्देश दिया है। एसडीएम गोला के निर्देश पर नायब तहसीलदार पंकज गुप्ता और लेखपाल नवीन ने गांवों का निरीक्षण किया।

बड़हलगंज ब्लॉक स्थित जगदीशपुर गांव राप्ती नदी के तट पर बसा है। राप्ती नदी के बाढ़ का पानी चारों तरफ से घेर लिया है। शनिवार की देर शाम नायब तहसीलदार पंकज गुप्ता के नेतृत्व में पहुंची टीम ने गांव को खाली कराने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा। तहसीलदार ने कहा कि जिसके पास व्यवस्था न हो वे सरकारी स्कूल, बाढ़ आश्रय गृह में रह सकते हैं। कटान स्थल के आसपास किसी को नहीं रहना है। हर हालत में गांव खाली कर दें। इस दौरान गांव के लोगों से बाढ़ को लेकर सतर्क रहने को कहा। क्षेत्र में बनाई गई बाढ़ चौकियों पर मौजूद कर्मचारियों को पल-पल की जानकारी अपडेट कराने की बात कही। मौके पर लेखपाल नवीन कुमार, प्रधान विजय कुमार यादव, सत्यवीर यादव, रमेश, राकेश, सुरेश यादव, मोहन पांडेय सहित गांव के लोग मौजूद रहे।

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