कल शाम 4 बजे तक बहुमत साबित करें येदियुरप्पा: सुप्रीम कोर्ट

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कल शाम 4 बजे तक बहुमत साबित करें येदियुरप्पा: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। कर्नाटक में बीएस युदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में इस विवादित शपथ ग्रहण समारोह की सुनवाई शुरु हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि युदियुरप्पा कल शाम तक अपना बहुमत साबित करें। जिसके बाद तय हो गया कि अब कल शाम चार बजे भाजपा और कांग्रेस का शक्ति परीक्षण किया जाएगा। बता दें कि सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुई सुनवाई के दौरान बीजेपी की…

नई दिल्ली। कर्नाटक में बीएस युदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में इस विवादित शपथ ग्रहण समारोह की सुनवाई शुरु हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि युदियुरप्पा कल शाम तक अपना बहुमत साबित करें। जिसके बाद तय हो गया कि अब कल शाम चार बजे भाजपा और कांग्रेस का शक्ति परीक्षण किया जाएगा।

बता दें कि सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुई सुनवाई के दौरान बीजेपी की तरफ से वरिष्‍ठ वकील मुकुल रोहतगी ने येदियुरप्‍पा की चिट्ठियां सुप्रीम कोर्ट को सौंपते हुए कहा कि बीजेपी के पास बहुमत है। वही जस्टिस एके सीकरी ने रोहतगी से कहा कि ‘बीजेपी ने तो सिर्फ बहुमत की बात की है, जबकि कांगेस व जेडीएस ने तो पूर्ण बहुमत की चिट्ठी दी थीं

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जस्टिस एके सीकरी ने पूछा कि राज्‍यपाल ने किस आधार पर बीजेपी को सरकार बनाने का न्‍योता दिया? सुप्रीम मोर्ट ने कहा कि सरकार बनाने के लिए जनादेश सबसे महत्‍वपूर्ण है। सरकार बनाना नंबर का खेल है। इसके साथ ही न्यायमूर्ति एके सीकरी की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने येदियुरप्पा सरकार को शनिवार को ही विधानसभा में फ्लोर टेस्‍ट कराने का आदेश दिया।

बता दें कि कांग्रेस की तरफ से अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने भाजपा की दलील का विरोध करते हुए कहा कि अगर भाजपा के पास अगर बहुमत है, तो लिखित है या फिर जुबानी? उन्होने कांग्रेस के सामने कहा कि कांग्रेस शक्ति परीक्षण के लिए तैयार है। कोर्ट अगर चाहे तो उसकी वीडियो रिकार्डिंग भी करा सकती है। ​विधायकों की सुरक्षा के मुदृदे पर शीर्ष न्यायालय ने भाजपा को आदेश जारी करते हुए कहा कि वे कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।

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बता दें कि गुरुवार को तड़के शीर्ष अदालत में आधी रात घंटों चली सुनवाई में कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस) की येदियुरप्पा की शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की संयुक्त याचिका पर शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से ये कहकर इंकार कर दिया था कि राज्यपाल ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया है। इस मामले की कार्यवाही की अध्यक्षता एके सीकरी, एसए बॉब्डे और अशोक भूषण ने की थी।

बता दें कि वरिष्ठ अधिवक्ता और न्यायशास्त्री राम जेठमलानी ने कर्नाटक में भाजपा को सरकार बनाने का आमंत्रण देने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ बीते गुरुवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया। उन्होेने कहा कि राज्यपाल ने संवैधानिक शक्ति का घोर दुरुपयोग किया है। जिसकेबाद प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने तत्काल सुनवाई के लिए दायर की गई जेठमलानी की याचिका पर विचार किया और कहा कि गुरुवार तड़के सुनवाई करने वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ शुक्रवार (18 मई) को इस पर सुनवाई करेगी।

बता दें कि इसके बाद न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता से कहा कि वह न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष 18 मई को अपनी याचिका उस वक्त दायर करें कि जब कांग्रेस पार्टी और जनता दल (सेक्यूलर) की याचिकाओं पर सुनवाई होगी।

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