चारा घोटाला : चौथे केस में भी लालू यादव दोषी करार, जगन्‍नाथ मिश्र बरी

चारा घोटाला : चौथे केस में भी लालू यादव दोषी करार, जगन्‍नाथ मिश्र बरी
चारा घोटाला : चौथे केस में भी लालू यादव दोषी करार, जगन्‍नाथ मिश्र बरी

रांची। यहां की एक विशेष सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले के चौथे मामले में राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को दोषी करार दिया है। इसी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया। लालू प्रसाद यादव को कोर्ट ने पेश होने के लिए कहा था। लेकिन सोमवार को लालू के जेल से कोर्ट पहुंचने से पहले ही उनके खिलाफ फैसला सुना दिया गया। हालांकि, अभी उनकी सजा का ऐलान नहीं किया गया है ।

Fodder Scam Case Decision On Lalu Prasad Yadav Convictionex Cm Jagannath Mishra Acquitted :

सीबीआई के वकील ने बताया कि दुमका केस में 12 लोगों को रिहा किया गया है, जबकि लालू समेत 19 आरोपियों को दोषी पाया गया है। हालांकि, अभी सजा का ऐलान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया- कोर्ट ने कहा है कि 21, 22 और 23 मार्च को सजा पर बहस होगी। उन्होंने बताया कि हर दिन 6-6 दोषियों को सजा सुनाई जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि 22 मार्च को लालू प्रसाद की सजा पर ऐलान हो सकता है।

तीन मामलों में हो चुकी सजा

लालू यादव चारा घोटाला में दर्ज मामलों में अबतक तीन में दोषी ठहराए जा चुके हैं। लालू को चाईबासा कोषागार के दो मामलों मामले में पांच-पांच साल तथा देवघर कोषागार मामले में साढ़े तीन साल की सजा मिल चुकी है। दुमका कोषागार में घोटाला मामले में सजा का एलान आज होना था। डोरंडा कोषागार से जुड़ा चारा घोटाले का पांचवा मामला सबसे बड़ा है, जिसमें करीब 139.35 करोड़ की अवैध निकासी का आरोप है।

इन 31 अभियुक्तों पर आया फैसला

– लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री : दोषी
– डॉ. जगन्नाथ मिश्रा, पूर्व मुख्यमंत्री : बरी
– ध्रुव भगत, तत्कालीन अध्यक्ष, लोक लेखा समिति : बरी
– डॉ. आरके राणा, पूर्व सांसद : बरी
– जगदीश शर्मा, तत्कालीन अध्यक्ष लोक लेखा समिति : बरी
– विद्यासागर निषाद, पूर्व मंत्री : बरी
– अधीप चंद्र चौधरी, कमिश्नर आइटी : बरी
– अरुण कुमार सिंह, पार्टनर विश्वकर्मा एजेंसी: दोषी
-अजित कुमार शर्मा, प्रोपराइटर लिटिल ओक : दोषी
-विमल कांत दास, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर : दोषी
– बेक जूलियस, तत्कालीन सचिव :
– बेनू झा, प्रोपराइटर लक्ष्मी इंटरप्राइजेट :
-गोपी नाथ दास, प्रोपराइटर, राधा फार्मेसी :
– केके प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर :
– लाल मोहन प्रसाद, प्रोपराइटर आरके एजेंसी : बरी
– मनोरंजन प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर : दोषी
– एमसी सुवर्णों, तत्कालीन डिविजनल कमिश्नर : बरी
– महेश प्रसाद, तत्कालीन सचिव
– एमएस बेदी, प्रोपराइटर सेमेक्स क्रायोजेनिक्स
– नरेश प्रसाद, प्रोपराइटर वायपर कुटीर
– नंद किशोर प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर
-ओपी दिवाकर, तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक : दोषी
– पंकज मोहन भुई, तत्कालीन एकाउंटेंट
– पितांबर झा, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर
-पीसी सिंह, तत्कालीन सचिव
– रघुनाथ प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर
– राधा मोहन मंडल, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर
-राजकुमार शर्मा, ट्रांसपोर्टर : दोषी
– आरके बगेरिया, ट्रांसपोर्टर
– सरस्वती चंद्रा, प्रोपराइटर, एसआर इंटरप्राइजेज
– एसके दास, तत्कालीन असिस्टेंट

रांची। यहां की एक विशेष सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले के चौथे मामले में राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को दोषी करार दिया है। इसी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया। लालू प्रसाद यादव को कोर्ट ने पेश होने के लिए कहा था। लेकिन सोमवार को लालू के जेल से कोर्ट पहुंचने से पहले ही उनके खिलाफ फैसला सुना दिया गया। हालांकि, अभी उनकी सजा का ऐलान नहीं किया गया है ।सीबीआई के वकील ने बताया कि दुमका केस में 12 लोगों को रिहा किया गया है, जबकि लालू समेत 19 आरोपियों को दोषी पाया गया है। हालांकि, अभी सजा का ऐलान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया- कोर्ट ने कहा है कि 21, 22 और 23 मार्च को सजा पर बहस होगी। उन्होंने बताया कि हर दिन 6-6 दोषियों को सजा सुनाई जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि 22 मार्च को लालू प्रसाद की सजा पर ऐलान हो सकता है।तीन मामलों में हो चुकी सजालालू यादव चारा घोटाला में दर्ज मामलों में अबतक तीन में दोषी ठहराए जा चुके हैं। लालू को चाईबासा कोषागार के दो मामलों मामले में पांच-पांच साल तथा देवघर कोषागार मामले में साढ़े तीन साल की सजा मिल चुकी है। दुमका कोषागार में घोटाला मामले में सजा का एलान आज होना था। डोरंडा कोषागार से जुड़ा चारा घोटाले का पांचवा मामला सबसे बड़ा है, जिसमें करीब 139.35 करोड़ की अवैध निकासी का आरोप है।इन 31 अभियुक्तों पर आया फैसला- लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री : दोषी - डॉ. जगन्नाथ मिश्रा, पूर्व मुख्यमंत्री : बरी - ध्रुव भगत, तत्कालीन अध्यक्ष, लोक लेखा समिति : बरी - डॉ. आरके राणा, पूर्व सांसद : बरी - जगदीश शर्मा, तत्कालीन अध्यक्ष लोक लेखा समिति : बरी - विद्यासागर निषाद, पूर्व मंत्री : बरी - अधीप चंद्र चौधरी, कमिश्नर आइटी : बरी - अरुण कुमार सिंह, पार्टनर विश्वकर्मा एजेंसी: दोषी -अजित कुमार शर्मा, प्रोपराइटर लिटिल ओक : दोषी -विमल कांत दास, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर : दोषी - बेक जूलियस, तत्कालीन सचिव : - बेनू झा, प्रोपराइटर लक्ष्मी इंटरप्राइजेट : -गोपी नाथ दास, प्रोपराइटर, राधा फार्मेसी : - केके प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर : - लाल मोहन प्रसाद, प्रोपराइटर आरके एजेंसी : बरी - मनोरंजन प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर : दोषी - एमसी सुवर्णों, तत्कालीन डिविजनल कमिश्नर : बरी - महेश प्रसाद, तत्कालीन सचिव - एमएस बेदी, प्रोपराइटर सेमेक्स क्रायोजेनिक्स - नरेश प्रसाद, प्रोपराइटर वायपर कुटीर - नंद किशोर प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर -ओपी दिवाकर, तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक : दोषी - पंकज मोहन भुई, तत्कालीन एकाउंटेंट - पितांबर झा, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर -पीसी सिंह, तत्कालीन सचिव - रघुनाथ प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर - राधा मोहन मंडल, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर -राजकुमार शर्मा, ट्रांसपोर्टर : दोषी - आरके बगेरिया, ट्रांसपोर्टर - सरस्वती चंद्रा, प्रोपराइटर, एसआर इंटरप्राइजेज - एसके दास, तत्कालीन असिस्टेंट