चारा घोटाले में लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा

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पटना। चारा घोटाले के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा दी गयी है और पांच लाख का जुर्माना लगाया गया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव के अलावा राजेंद्र प्रसाद, सुनील सिन्हा, सुशील कुमार समेत 6 दोषियों को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। इससे पूर्व वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस मामले में लालू प्रसाद के वकील ने सीबीआई कोर्ट में अर्जी दाखिल करके कम सजा की मांग की थी।

Fodder Scam Lalu Prasad Ko Shadhe Teen Saal Ki Saza :

इससे पहले सीबीआई कोर्ट के जज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चारा घोटाले के दोषियों को खुली जेल में रखना चाहिए क्योंकि उन्हें गौ-पालन का अच्छा अनुभव है। बता दें कि सजा का ऐलान बुधवार को होना था, लेकिन वरिष्ठ वकील की मृत्यु के चलते दोपहर 1.30 बजे के बाद वकीलों ने शोक सभा का आयोजन किया था और किसी भी तरह के कामकाज को नहीं करनने का ऐलान किया था, जिसके चलते सजा का ऐलान टाल दिया गया था।

गत 23 दिसंबर को चारा घोटाले में दोषी ठहराए जाने के बाद लालू यादव रांची की जेल में बंद हैं। पिछले साल 24 दिसंबर को सीबीआई जज ने 1990-1994 के बीच देवघर के सरकारी कोषागार से 89.27 लाख रुपये की अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद यादव समेत 16 लोगों को दोषी करार दिया था। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत छह आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया था।

तेजस्वी ने बुलाई बैठक-

पूर्व उपमुख्यमंत्री और लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सजा होने से पहले एक बैठक बुलाई गयी थी। इस बैठक में शामिल होने के लिए पार्टी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद, पार्टी के पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और प्रखंड अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया था।

पटना। चारा घोटाले के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा दी गयी है और पांच लाख का जुर्माना लगाया गया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव के अलावा राजेंद्र प्रसाद, सुनील सिन्हा, सुशील कुमार समेत 6 दोषियों को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। इससे पूर्व वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस मामले में लालू प्रसाद के वकील ने सीबीआई कोर्ट में अर्जी दाखिल करके कम सजा की मांग की थी।इससे पहले सीबीआई कोर्ट के जज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चारा घोटाले के दोषियों को खुली जेल में रखना चाहिए क्योंकि उन्हें गौ-पालन का अच्छा अनुभव है। बता दें कि सजा का ऐलान बुधवार को होना था, लेकिन वरिष्ठ वकील की मृत्यु के चलते दोपहर 1.30 बजे के बाद वकीलों ने शोक सभा का आयोजन किया था और किसी भी तरह के कामकाज को नहीं करनने का ऐलान किया था, जिसके चलते सजा का ऐलान टाल दिया गया था।गत 23 दिसंबर को चारा घोटाले में दोषी ठहराए जाने के बाद लालू यादव रांची की जेल में बंद हैं। पिछले साल 24 दिसंबर को सीबीआई जज ने 1990-1994 के बीच देवघर के सरकारी कोषागार से 89.27 लाख रुपये की अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद यादव समेत 16 लोगों को दोषी करार दिया था। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत छह आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया था।तेजस्वी ने बुलाई बैठक-पूर्व उपमुख्यमंत्री और लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सजा होने से पहले एक बैठक बुलाई गयी थी। इस बैठक में शामिल होने के लिए पार्टी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद, पार्टी के पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और प्रखंड अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया था।