वास्तु के अनुसार बेडरूम में करें ये बदलाव रिश्तें रहेंगे हमेशा मधुर

नई दिल्ली: शादीशुदा जीवन में अक्सर छोटे मोटे कारणों से मनमुटाव होता रहता है। लेकिन कभी-कभी बाते इतनी बढ़ जाती है की रिश्तों में कडवाहट आ जाती है। जिससे पति-पत्नी के अलग होने की नौबत आ जाती है। इन सब के पीछे वास्तु दोष भी कुछ हद तक जिम्मेदार माना जाता है। अगर आप चाहते है वास्तुदोष की वजह से होने वाली दुश्वारियां हमेशा के लिए खत्म हो जाए, और आपका संबंध मधुर बना रहे तो आपको वास्तु के अनुसार कमरे के माहौल में थोडा सा बदलाव करना होगा। जिसके बाद वास्तुदोष से आपका परिवार हमेशा मुक्त रहेगा।





बेडरूम में करे ये बदलाव

वास्तु के अनुसार कमरे में पलंग यानी बेड कभी भी धातु या लोहे का नहीं बना होना चाहिए। आप दोनों के बीच में कोई तनाव पैदा ना हो, इसलिए हमेशा लकड़ी का बना हुआ बेड ही खरीदें। बेडरूम में कभी भी गहरे रंगो वाली लाइट का इस्तेमाल नही करना चाहिए। बेडरूम में हमेशा लाइट रंगों का चयन करें जैसे, हल्‍का नीला, हल्‍का हरा या रोज़ पिंक आदि, इससे दिमाग हमेशा तरोताजा रहता है। पति को दाईं और पत्‍नी को हमेशा बिस्तर की बाईं ओर सोना चाहिए। इससे रिश्‍ते में प्‍यार बढ़ता रहता है। डबल बेड पर एक ही बिस्‍तर यानी गद्दा बिछाएं। पति-पत्‍नी को डबल गद्दे नहीं बिछाने चाहिए। इससे वैवाहिक संबंधों में नकारात्मकता उर्जा आती है।




बेडरूम में कोई ऐसी तस्‍वीर ना लगाए, जो हिंसा दर्शा रही हो। बेड के सिरहाने वाली दीवार पर घड़ी, फोटो फ्रेम आदि न लगाएं, इससे सिर में दर्द बना रहता है। बेडरूम दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए और इसी कोने में बेड भी रखना चाहिये। इससे पति-पत्‍नी के बीच में प्‍यार और भरोसा बढ़ेगा। पूर्वोत्तर और दक्षिण पूर्व कोने में बेडरूम बिलकुल भी नहीं होना चाहिए।

सोते समय सिर दक्षिण की ओर करके सोना चाहिए। इस तरह से उत्‍तर दिशा से आने वाली सकारात्मक चुंबकीय ऊर्जा सीधे शरीर में प्रवेश कर सकती है। कपल के बेडरूम में कभी भी शीशे नहीं लगाने चाहिए, क्‍योंकि इससे झगड़े और बवाल होते हैं। अगर शीशा लगा ही है तो उसे ढंक कर रखें, खास तौर पर रात के समय।

Loading...