1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. इस दीपावली पर 500 वर्षों में पहली बार रामजन्मभूमि पर जलेंगे दीये

इस दीपावली पर 500 वर्षों में पहली बार रामजन्मभूमि पर जलेंगे दीये

By टीम पर्दाफाश 
Updated Date

For The First Time In 500 Years Lamps Will Be Lit On Ramjanmabhoomi On This Diwali

लखनऊ. राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर का निर्माण कार्य जहां जोरों पर है वहीँ अयोध्या में इस बार का दीपोत्सव और दिपावली ऐतिहासिक होने जा रही है. ख़ास बात यह है कि इस बार 500 साल बाद पहली बार रामजन्मभूमि स्थल पर भी दीया जलाया जाएगा. और यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. दीपावली दीप जलाने का यह कार्यक्रम उनके कार्यकाल का चौथा दीपोत्सव होगा. दीपावली पर इस ख़ास दीपोत्सव को लेकर शिद्दत से जुटी योगी सरकार ने पांच सदी में पहली बार मनाये जा रहे इस दीपावली को यादगार बनाने और इसको जन जन तक पहुँचाने का विशेष प्रबंध कर रही है.

पढ़ें :- यूपी में अभी नहीं लगेगा लॉकडाउन, कंटेनमेंट जोन में सख्ती बढ़ाने जा रही है सरकार

11 से 13 नवंबर तक अयोध्या में होने वाले इस भव्य दीपोत्सव की तैयारी खुद सीएम योगी की देखरेख में की जा रही है. योगी सरकार इस दीपोत्सव को वैश्विक बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. मुख्यमंत्री योगी, इस बार अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत, राम जन्मभूमि परिसर में संध्या काल की आरती के साथ करेंगे. दीपकों के मामले में इस बार भी रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है. बताते चलें कि करीब 492 वर्ष बाद यह पहला मौका होगा, जब रामजन्म भूमि पर भी दीप जलेंगे. पांच शताब्दी पूर्व 1527 में मुगल सूबेदार मीरबांकी के अयोध्या जन्मभूमि पर कब्जा किया था.

कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए इस दीपोत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष गाइडलाइन भी तैयार किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दीपोत्सव को भव्य-दिव्य बनाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन स्पष्ट कहा है कि कहीं भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होना चाहिए. प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं. जितने भी कार्यक्रम होंगे सभी में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा है कि दीपोत्सव पर राम की पैड़ी के साथ सभी मठ मंदिरों व घरों में ऐसे दीप जलेंगे, जिससे भगवान राम की नगरी अयोध्या दीप के प्रकाश से पूरी तरह से अलोकित हो जाए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार रामजन्मभूमि, कनक भवन, राम की पैड़ी, हनुमान गढ़ी सहित सभी मन्दिरों के साथ ही अयोध्या की भव्य सजावट किये जाने की तैयारी है. साथ ही अयोध्या के सभी मठ-मन्दिरों में भजन और रामायण पाठ का आयोजन कराने के भी निर्देश हैं. कोरोना महामारी के चलते लोग वर्चुअल माध्यम से इस दीपोत्सव में हिस्सा लेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार वर्चुअल माध्यम से दीप प्रज्ज्वलित करने की व्यवस्था की गई है. कोविड के कारण जो लोग अयोध्या नहीं पहुंच पाएंगे, वह श्रीरामजन्मभूमि पर वर्चुअल माध्यम से दीप प्रज्ज्वलित कर सकेंगे.

500 वर्षों में पहली बार रामजन्मभूमि पर होने जा रही दीपावली को यादगार बनाने में योगी सरकार जुटी है. कोरोना संकट के चलते यह दीपावली डिजिटल होने जा रही है और अयोध्या में भक्तों को डिजिटल रूप से दीप जलाने के इंतजाम किये जा रहे हैं. इस वर्चुअल दीपोत्सव के माध्यम से लोग एकदम हकीकत का अनुभव करेंगे. यह अनूठा वर्चुअल दीपोत्सव प्लेटफार्म बिल्कुल रियल जैसा अनुभव देगा. अयोध्या में पहली बार वर्चुअल दीपोत्सव का आयोजन कर रही योगी सरकार ने वर्चुअल दीपोत्सव के लिए जल्द ही एक नई वेबसाईट लांच करेगी और दीप जलाने के बाद लोगों को एक धन्यवाद-पत्र भी मिलेगा.

पढ़ें :- रेमडेसिविर इंजेक्शन के निर्यात पर केंद्र सरकार ने लगाई रोक

वेबसाईट पर श्रीरामलला विराजमान की तस्वीर होगी, जिसके समक्ष दीप वर्चुअल दीप प्रज्ज्वलन होगा. इस पर लोगों को अपनी श्रद्धानुसार मिट्टी, तांबे, स्टील अथवा किसी अन्य धातु के दीप-स्टैंड का चयन करने की भी सुविधा होगी. साथ ही घी, सरसों अथवा तिल के तेल का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा. श्रद्धालु अगर पुरुष है तो पुरुष अथवा महिला होने पर महिला के वर्चुअल हाथ दीप प्रज्ज्वलित करेंगे. दीप जलाने के बाद श्रद्धालु के विवरण के आधार पर रामलला की तस्वीर के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से धन्यवाद-पत्र भी जारी होगा.

13 नवम्बर को प्रस्तावित मुख्य समारोह से पूर्व यह वेबसाइट आमजन के लिए उपलब्ध हो जाएगी. और इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस दीपोत्सव के कार्यक्रम में वर्चुअली सहभागिता करेंगे. मुख्यमंत्री योगी रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियों का अवलोकन करेंगे. साथ ही, श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के स्वरूप, की आरती कर श्री राम का राज्याभिषेक करेंगे. मुख्यमंत्री जन्मभूमि परिसर में रामलला की आरती भी उतारेंगे. इस दीपोत्सव पर अयोध्या में पहली बार डिजिटल आतिशबाजी होगी और लेजर शो के माध्यम से इस बार सरयू तट पर आतिशबाजी की जायेगी.

सरकारी गोशालाओं द्वारा गाय के गोबर से तैयार किए गए विशेष दीपकों को जलाकर मुख्यमंत्री द्वारा इस भव्य दीपोत्सव की शुरुआत होगी. 1992 के बाद यह पहला मौका होगा जब राम जन्मभूमि परिसर में इतने बड़े स्तर पर दीप जलाए जाएंगें. साकेत महाविद्यालय से रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां निकाली जाएगी तो राम की पैड़ी पर पिछले वर्ष के रिकार्ड को पीछे करते हुए एक नया रिकार्ड बनाने की तैयारी है. इस बार, पिछले वर्ष के 4,26,000 दीयों की तुलना में साढे 5 लाख दीपक जलाकर नया कीर्तिमान बनाने की तैयारी है. साथ ही पिछली बार के 12 घाटों के मुकाबले इस बार 24 घाटों पर दीप जलाए जाएंगे. इस बार घाटों पर रचनात्मक कलाकारी भी देखने को मिलेगी घाटों पर भगवान राम के मंदिर का मॉडल, पुष्पक विमान, राम दरबार की कलाकृतियां बनाई जा रही है.

रविवार को उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने राम कथा पार्क पहुंचकर दीपोत्सव समारोह की तैयारियों का जायज़ा लिया. उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की. अयोध्या में होने वाली दीपोत्सव के लिए आज अधिकारियों ने राम की पैड़ी का निरीक्षण किया. अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बताया, “इस बार डिजिटल दीवाली भी मना सकते हैं, देश-विदेश में कोई भी अयोध्या में राम मंदिर में दिया जला सकता है. इस बार लेजर आतिशबाजी का शो होगा.

पढ़ें :- बसपा और सपा सरकार में हुए घोटालों में शामिल ब्यूरोक्रेटस जांच एजेंसियों की रडार पर, जल्द कसेगा शिकंजा!

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...