फोर्ब्स पत्रिका का दावा: PM मोदी के नोटबंदी फैसले से देश को होगा भारी नुकसान

नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। सरकार का यह फैसला कितना सही है या कितना गलत, अब इस मामले में प्रतिष्ठित अमेरिकी बिज़नेस पत्रिका फोर्ब्स ने भी दिलचस्पी दिखाई है। फ़ोर्ब्स के अनुसार नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले से देश को भारी नुकसान हो सकता है। नोटबंदी के फैसले के कारण भारतीय शहरों में काम करने वाले कामगार अपने गांवों को लौट गए हैं क्योंकि बहुत से कारोबार बंद हो रहे है।




आर्थिक उथलपुथल को इस बात से भी बढ़ावा मिला कि सरकार पर्याप्त मात्रा में नए नोट नहीं छाप पाई है। जिसकी वजह से एटीएम के लिए बड़ी दिक्कत खड़ी हो गई। लेख में इस बता का भी जिक्र है, “भारत हाई-टेक पावरहाउस है लेकिन देश के लाखों लोग अभी भी भीषण गरीबी में जी रहे हैं। मोदी सरकार के इस फैसले से भारत के पहले से ही गरीब लाखों लोगों की हालत और खराब हो सकती है।”

फोर्ब्स पत्रिका के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ स्टीव फोर्ब्स ने लिखा है कि देश की ज्यादातर नकदी को बंद कर दिया गया। स्तब्ध नागरिकों को नोट बदलने के लिए कुछ ही हफ्तों का समय दिया गया। उपयुक्त सारी बातें पत्रिका के 24 जनवरी 2017 के संस्करण में छपे लेख में लिखी गई हैं।




सर्वे में 59 फीसदी लोगों को भरोसा

एक सर्वे में लोगों से पूछा गया कि क्या नरेंद्र मोदी 50 दिनों में कैश की समस्या खत्म करने के अपने वादे को पूरा कर पाएंगे? इस सवाल के जवाब में 59 फीसदी लोगों ने माना कि पीएम अपना वादा पूरा करेंगे। 30 फीसदी लोगों का कहना है कि पीएम वादा पूरा नहीं कर पाएंगे, जबकि 11 फीसदी लोग किसी निर्णय पर पहुंचते नहीं दिखाई दिए।




पोल के रिजल्ट से साफ है कि फिलहाल लोगों को भरोसा है कि पीएम समस्या का समाधान ढूंढ निकालेंगे। आने वाले दिनों में अगर दिक्कतें खत्म नहीं हुईं तो नकारात्मक वोटिंग करने वालों का प्रतिशत बढ़ भी सकता है। नोटबंदी के फैसले के 45 दिन बीत जाने के बावजूद कैश संबंधित समस्या खत्म नहीं हुई है।