पीएनबी महाघोटाला : विदेश मंत्रालय ने रद्द किए नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट

Nirav Modi
भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट रखने का मामला दर्ज

नई दिल्ली। पीएनबी महाघोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की सिफारिश के बाद विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बड़ा कदम उठाते हुए दोनों पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि 16 फरवरी को विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को एक पत्र भेजते हुए उनके पासपोर्ट को निलंबित करने के बारे में जानकारी देते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। यह कार्रवाई दोनों के पासपोर्ट निलंबित किए जाने के बाद की प्रक्रिया स्वरूप की गई थी। जिस पर कोई जवाब न आने के बाद विदेश मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।

Foreign Ministry Canceled Nirav Modi And Mehul Chokes Passports Pnb Scam :

मिली जानकारी के मुताबिक 11,400 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के मामले में फंसने के बाद से विदेश में जाकर छुपे नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को बाहर निकालने के लिए जांच एजेंसियों ने उनके पासपोर्ट को निरस्त करने की सिफारिश की थी। पासपोर्ट रद्द होने की दशा में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी दोनों को ठिकाने बदलने से रोका जा सकेगा।

जानकारों की माने तो इन दोनों के पासपोर्ट रद्द होने के बाद दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाएगा। चूंकि नीरव मोदी के पास पहले से बेल्जियम की नागरिकता है ऐसे मे संभव है कि वह दूसरे पासपोर्ट की मदद से भारतीय एजेंसियों को चकमा देने का काम करे।

इस मामले की जांच कर रही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की टीमें इस समय नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी का पता लगाने में जुटीं हैं। अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि इन दोनों किस देश में अपना ठिकाना जमाया है।

आपको बता दें कि पीएनबी बैंक धोखाधड़ी के मामले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और अन्य के खिलाफ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने दो दो मामले दर्ज किए हैं। भारतीय एजेंसियों के हरकत में आने से पहले ही ये दोनों कारोबारी परिवार समेंत विदेश जा चुके थे।अब तक जांच एजेंसियां इन दोनों कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 6200 करोड़ की अनुमानित कीमत की संपत्तियों को जब्त कर चुकीं हैं।

नई दिल्ली। पीएनबी महाघोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की सिफारिश के बाद विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बड़ा कदम उठाते हुए दोनों पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि 16 फरवरी को विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को एक पत्र भेजते हुए उनके पासपोर्ट को निलंबित करने के बारे में जानकारी देते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। यह कार्रवाई दोनों के पासपोर्ट निलंबित किए जाने के बाद की प्रक्रिया स्वरूप की गई थी। जिस पर कोई जवाब न आने के बाद विदेश मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।मिली जानकारी के मुताबिक 11,400 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के मामले में फंसने के बाद से विदेश में जाकर छुपे नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को बाहर निकालने के लिए जांच एजेंसियों ने उनके पासपोर्ट को निरस्त करने की सिफारिश की थी। पासपोर्ट रद्द होने की दशा में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी दोनों को ठिकाने बदलने से रोका जा सकेगा।जानकारों की माने तो इन दोनों के पासपोर्ट रद्द होने के बाद दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाएगा। चूंकि नीरव मोदी के पास पहले से बेल्जियम की नागरिकता है ऐसे मे संभव है कि वह दूसरे पासपोर्ट की मदद से भारतीय एजेंसियों को चकमा देने का काम करे।इस मामले की जांच कर रही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की टीमें इस समय नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी का पता लगाने में जुटीं हैं। अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि इन दोनों किस देश में अपना ठिकाना जमाया है।आपको बता दें कि पीएनबी बैंक धोखाधड़ी के मामले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और अन्य के खिलाफ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने दो दो मामले दर्ज किए हैं। भारतीय एजेंसियों के हरकत में आने से पहले ही ये दोनों कारोबारी परिवार समेंत विदेश जा चुके थे।अब तक जांच एजेंसियां इन दोनों कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 6200 करोड़ की अनुमानित कीमत की संपत्तियों को जब्त कर चुकीं हैं।