स्वीडिश कपल ने बनारस में रीती रिवाज से की शादी, भगवान शिव और मां गंगा बने गवाह

वाराणसी। भारतीय संस्कृति को जानने के लिए वाराणसी में तो हमेशा देश विदेश से पर्यटक आते रहते हैं और यहां की परम्परा और मंदिरों को देख कर प्रभावित भी होते हैं। अभी गुरूवार को ही अस्सी घाट के समीप स्थित शिव मंदिर में हिन्दू धर्म के प्रति विदेशियों की आस्था का एक ऐसा दृश्य देखने को मिला है। गंगा मां और भगवान् शिव को गवाह बना कर दो विदेशी प्रेमी युगल सप्तवदी के सात फेरों के संस्कारों के साथ सात जन्मों के बंधन में बंधे गए।



दोनों पेशे से शिक्षक हैं। डिल्डा पांच साल पहले बनारस भारतीय संस्कृति पर शोध करने आईं थीं। निकोलस दो साल पहले जिज्ञासावश काशी भ्रमण पर आए तो दोनों की मुलाकात हुई। सनातनी रीति-रिवाजों ने संस्कारों से प्रेरित प्रेमी युगल को इतना प्रभावित किया कि दोनों ने इस विधि विधान से ही सात जन्मों के बंधन में बंधने का निर्णय ले लिया। पं. विजय मिश्र, दीपक मिश्र, वशिष्ठ तिवारी व वेद प्रकाश मिश्र ने विवाह की रस्में पूरी कराईं।

आस्था सिंह की रिपोर्ट