CBI vs CBI : पद से हटने के बाद फूटा आलोक वर्मा का गुस्सा, बोले मिली ईमानदारी की सजा

alok verma
CBI vs CBI : पद से हटने के बाद फूटा आलोक वर्मा का गुस्सा, बोले मिली ईमानदारी की सजा

नई दिल्ली। बहाल होने के बाद तुरन्त उच्चस्तरीय चयन समिति की ओर से हटाए गए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने दावा किया है कि उनका तबादला उनके विरोध में रहने वाले एक व्यक्ति की ओर से लगाए गए झूठे, निराधार और फर्जी आरोपों के आधार पर किया गया है।

Former Cbi Director Alok Verma Says Transferred On Basis Of False Allegations :

बता दें कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली उच्चस्तरीय चयन समिति ने उन्हे गुरुवार को फिर से पद से हटा दिया। इस बार उन पर भ्रष्टाचार और कर्त्तव्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। इस दौरान आलोक वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच करने वाली महत्वपूर्ण एजेंसी होने के नाते सीबीआई की स्वतंत्रता को सुरक्षित और संरक्षित रखना चाहिए।

आलोक वर्मा ने कहा कि समिति को सीबीआई निदेशक के तौर पर उनके भविष्य की रणनीति तय करने का काम सौंपा गया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं संस्था की ईमानदारी के लिए खड़ा रहा और यदि मुझसे फिर पूछा जाए तो मैं विधि का शासन बनाए रखने के लिए दोबारा ऐसा ही करूंगा।’’

नई दिल्ली। बहाल होने के बाद तुरन्त उच्चस्तरीय चयन समिति की ओर से हटाए गए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने दावा किया है कि उनका तबादला उनके विरोध में रहने वाले एक व्यक्ति की ओर से लगाए गए झूठे, निराधार और फर्जी आरोपों के आधार पर किया गया है।बता दें कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली उच्चस्तरीय चयन समिति ने उन्हे गुरुवार को फिर से पद से हटा दिया। इस बार उन पर भ्रष्टाचार और कर्त्तव्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। इस दौरान आलोक वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच करने वाली महत्वपूर्ण एजेंसी होने के नाते सीबीआई की स्वतंत्रता को सुरक्षित और संरक्षित रखना चाहिए।आलोक वर्मा ने कहा कि समिति को सीबीआई निदेशक के तौर पर उनके भविष्य की रणनीति तय करने का काम सौंपा गया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं संस्था की ईमानदारी के लिए खड़ा रहा और यदि मुझसे फिर पूछा जाए तो मैं विधि का शासन बनाए रखने के लिए दोबारा ऐसा ही करूंगा।’’