छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन, लंबे समय से थे बीमार

Ajeet jogi
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन, लंबे समय से थे बीमार

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का आज निधन हो गया। अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने ट्वीट कर अपने पिता के निधन की सूचना दी है। अजीत जोगी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। हृदयाघात के बाद 9 मई से जनता कांग्रेस के प्रमुख अजीत जोगी कोमा में थे। यहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। आज उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।

Former Chhattisgarh Chief Minister Ajit Jogi Died Was Ill For A Long Time :

बेटे अमित जोगी ने ट्वीट कर लिखा कि ’20 वर्षीय युवा छत्तीसगढ़ राज्य के सिर से आज उसके पिता का साया उठ गया। केवल मैंने ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ ने नेता नहीं, अपना पिता खोया है। अजीत जोगी ढाई करोड़ लोगों के अपने परिवार को छोड़कर, ईश्वर के पास चले गए। गांव-गरीब का सहारा, छत्तीसगढ़ का दुलारा, हमसे बहुत दूर चला गया। अमित जोगी ने कहा वेदना की इस घड़ी में मैं निशब्द हूं। परम पिता परमेश्वरम उनकी आत्मा को शांति और हम सबको शक्ति दे। उनका अंतिम संस्कार उनकी जन्मभूमि गौरेला में कल होगा।

मध्य प्रदेश बीजेपी के कद्दवार नेता कैलाश विजवर्गीय ने अजीत जोगी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनका निधन मेरे लिए दुखद है। इंदौर में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कई बड़े फैसले लिए थे, जिसका लाभ शहर को मिला था। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर शोक जताया है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अजीत जोगी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा भी की है। उन्होंने कहा है कि अजीज जोगी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय स्मान के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी का निधन छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए एक बड़ी राजनीतिक क्षति है। हम सभी प्रदेशवासियों की यादों में वो सदैव जीवित रहेंगे। विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति:।

बने थे छत्तीसगढ़ के पहले सीएम
अजीत प्रमोद कुमार जोगी मध्य प्रदेश के विभाजन के होने के बाद 1 नवंबर 2000 को गठित छत्तीसगढ़ राज्य के पहले मुख्यमंत्री चुने गए थे। बिलासपुर के पेंड्रा में जन्में अजीत जोगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद पहले भारतीय पुलिस सेवा और फिर भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइन की। बताया जाता है कि अजीत जोगी जिस दौरान इंदौर में कलेक्टरी कर रहे थे, उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संपर्क में आ गए। 1986 के आसपास उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली और सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

अजीत जोगी का राजनैतिक सफर

अजीत जोगी साल 1986 से 1998 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। इस दौरान वह कांग्रेस में अलग-अलग पद पर कार्य करते रहे, वहीं 1998 में रायगढ़ से लोकसभा सांसद चुने गए। वे विधायक और सांसद भी रहे। उसके बाद वह वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के दौरान यहां के पहले मुख्यमंत्री बने तथा वर्ष 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। राज्य में वर्ष 2003 में हुए विधानसभा के पहले चुनाव में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी से पराजित हो गई थी। राज्य के कांग्रेस नेताओं से मतभेद के चलते जोगी ने साल 2016 में नई पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का गठन कर लिया था और वह उसके प्रमुख थे।

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का आज निधन हो गया। अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने ट्वीट कर अपने पिता के निधन की सूचना दी है। अजीत जोगी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। हृदयाघात के बाद 9 मई से जनता कांग्रेस के प्रमुख अजीत जोगी कोमा में थे। यहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। आज उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। बेटे अमित जोगी ने ट्वीट कर लिखा कि '20 वर्षीय युवा छत्तीसगढ़ राज्य के सिर से आज उसके पिता का साया उठ गया। केवल मैंने ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ ने नेता नहीं, अपना पिता खोया है। अजीत जोगी ढाई करोड़ लोगों के अपने परिवार को छोड़कर, ईश्वर के पास चले गए। गांव-गरीब का सहारा, छत्तीसगढ़ का दुलारा, हमसे बहुत दूर चला गया। अमित जोगी ने कहा वेदना की इस घड़ी में मैं निशब्द हूं। परम पिता परमेश्वरम उनकी आत्मा को शांति और हम सबको शक्ति दे। उनका अंतिम संस्कार उनकी जन्मभूमि गौरेला में कल होगा। मध्य प्रदेश बीजेपी के कद्दवार नेता कैलाश विजवर्गीय ने अजीत जोगी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनका निधन मेरे लिए दुखद है। इंदौर में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कई बड़े फैसले लिए थे, जिसका लाभ शहर को मिला था। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर शोक जताया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अजीत जोगी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा भी की है। उन्होंने कहा है कि अजीज जोगी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय स्मान के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी का निधन छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए एक बड़ी राजनीतिक क्षति है। हम सभी प्रदेशवासियों की यादों में वो सदैव जीवित रहेंगे। विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति:। बने थे छत्तीसगढ़ के पहले सीएम अजीत प्रमोद कुमार जोगी मध्य प्रदेश के विभाजन के होने के बाद 1 नवंबर 2000 को गठित छत्तीसगढ़ राज्य के पहले मुख्यमंत्री चुने गए थे। बिलासपुर के पेंड्रा में जन्में अजीत जोगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद पहले भारतीय पुलिस सेवा और फिर भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइन की। बताया जाता है कि अजीत जोगी जिस दौरान इंदौर में कलेक्टरी कर रहे थे, उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संपर्क में आ गए। 1986 के आसपास उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली और सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। अजीत जोगी का राजनैतिक सफर अजीत जोगी साल 1986 से 1998 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। इस दौरान वह कांग्रेस में अलग-अलग पद पर कार्य करते रहे, वहीं 1998 में रायगढ़ से लोकसभा सांसद चुने गए। वे विधायक और सांसद भी रहे। उसके बाद वह वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के दौरान यहां के पहले मुख्यमंत्री बने तथा वर्ष 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। राज्य में वर्ष 2003 में हुए विधानसभा के पहले चुनाव में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी से पराजित हो गई थी। राज्य के कांग्रेस नेताओं से मतभेद के चलते जोगी ने साल 2016 में नई पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का गठन कर लिया था और वह उसके प्रमुख थे।