सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया आदर्श सेन आनंद का निधन

Adarsh Sein Anand

Former Cji Adarsh Sein Anand Passes Away At The Age Of 81

नई दिल्ली। भारत के पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया आदर्श सेन आनंद का शुक्रवार को निधन हो गया। 81 वर्षीय ए एस आनंद बीते कुछ समय से काफी बीमार थे। कुछ समय पूर्व उन्हें एक निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, जहां फेफड़े की समस्या के लिए उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने घर पर ही अंतिम सांस ली। न्यायाधीश आनंद ने 10 अक्टूबर 1998 से 31 अक्टूबर 2001 तक भारत के प्रधान न्यायाधीश रहे थे।

1 नवंबर 1936 को जन्मे आनंद देश के 29वें चीफ जस्टिस थे। जस्टिस आनंद ने पढ़ाई जम्मू एंड कश्मीर यूनिवर्सिटी से की। 1964 में बार एट लॉ करने के बाद उन्होंने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। 1971 में उन्हें जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट का एडीशनल जज नियुक्त किया गया। 1976 में परमानेंट जज बना दिया गया। 1985 में उन्हे हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया। 1991 में वे सुप्रीम कोर्ट के जज बने। उन्हें राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है। उन्होंने देश के हर जिले में लोक अदालत स्थापित करने के लिए पहल की थी। उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं।

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने न्यायमूर्ति आनंद की निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है वह आनंद की मौत की खबर सुनकर काफी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों को आसानी से न्याय दिलाने के लिए जाना जाता था। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

जेटली ने एक ट्वीट करते हुए कहा, ‘पूर्व प्रधान न्यायाधीश के निधन से दुखी हूं। न्यायमूर्ति आदर्श सेन आनंद एक दूरदर्शी संवैधानिक विशेषज्ञ थे और लोगों को आसानी से न्याय सुलभ कराने के लिए जाने जाते थे।’

नई दिल्ली। भारत के पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया आदर्श सेन आनंद का शुक्रवार को निधन हो गया। 81 वर्षीय ए एस आनंद बीते कुछ समय से काफी बीमार थे। कुछ समय पूर्व उन्हें एक निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, जहां फेफड़े की समस्या के लिए उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने घर पर ही अंतिम सांस ली। न्यायाधीश आनंद ने 10 अक्टूबर 1998 से 31 अक्टूबर 2001 तक भारत के प्रधान न्यायाधीश रहे थे। 1 नवंबर…