लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली, हालत बेहद गंभीर

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नई दिल्ली। पूर्व वित्तमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। एम्स में भर्ती जेटली को देखने के लिए शनिवार को दिनभर राजनीतिक दलों के नेताओं का आना जाना लगा रहा।

Former Finance Minister Arun Jaitley On Life Support System Many Leaders Arrived To Aiims :

सूत्रों ने पूर्व वित्तमंत्री की हालत की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें एक्सट्रा.कॉर्पोरेशनल मेंब्रेन ऑक्सिजिनेशन ईसीएमओ में रखा गया है। बता दें ईसीएमओ में ऐसे मरीजों को रखा जाता हैए जिनके फेफड़े और हृदय काम नहीं कर पाते। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पूर्व वित्त मंत्री का हाल जानने के लिए एम्स पहुंचे।

वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी एम्स पहुंचकर जेटली का हालचाल जाना। जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और ज्योतिरादित्य सिंधिया सभी जेटली के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए एम्स पहुंचे। वहीं इससे पहले शुक्रवार की रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जेटली से मिलने एम्स पहुंचे थे।

बता दें 9 अगस्त की सुबह 11 बजे अरुण जेटली को एम्स में भर्ती किया गया था। तब उन्हें सांस लेने की तकलीफ थी। उसके बाद से जेटली वेंटिलेटर पर बने हुए हैं। हालांकि 12 अगस्त और 13 अगस्त को वेंटिलेटर कुछ देर के लिए हटाया गया था लेकिन बहुत सुधार नहीं हुआ और वेंटिलेटर फिर से लगाना पड़ा।

खराब स्वास्थ्य के चलते ही जेटली ने 2019 का लोकसभा चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया था। मई 2018 में किडनी ट्रांसप्लांट एम्स में हुआ था।

बता दें पूर्व वित्तमंत्री का हाल जानने बसपा सुप्रीमो मायावती भी एम्स पहुंचीं थीं। जहां जेटली से मुलाकात के बात मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा किए आज मैं पूर्व वित्त एवं रक्षा मंत्री अरुण जेटली के स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को जानने के लिए एम्स गई थी। वहां मैं उनके परिजनों और उनसे मिली मैं भगवान से अरुण जेटली के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करती हूं।

नई दिल्ली। पूर्व वित्तमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। एम्स में भर्ती जेटली को देखने के लिए शनिवार को दिनभर राजनीतिक दलों के नेताओं का आना जाना लगा रहा। सूत्रों ने पूर्व वित्तमंत्री की हालत की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें एक्सट्रा.कॉर्पोरेशनल मेंब्रेन ऑक्सिजिनेशन ईसीएमओ में रखा गया है। बता दें ईसीएमओ में ऐसे मरीजों को रखा जाता हैए जिनके फेफड़े और हृदय काम नहीं कर पाते। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पूर्व वित्त मंत्री का हाल जानने के लिए एम्स पहुंचे। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी एम्स पहुंचकर जेटली का हालचाल जाना। जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और ज्योतिरादित्य सिंधिया सभी जेटली के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए एम्स पहुंचे। वहीं इससे पहले शुक्रवार की रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जेटली से मिलने एम्स पहुंचे थे। बता दें 9 अगस्त की सुबह 11 बजे अरुण जेटली को एम्स में भर्ती किया गया था। तब उन्हें सांस लेने की तकलीफ थी। उसके बाद से जेटली वेंटिलेटर पर बने हुए हैं। हालांकि 12 अगस्त और 13 अगस्त को वेंटिलेटर कुछ देर के लिए हटाया गया था लेकिन बहुत सुधार नहीं हुआ और वेंटिलेटर फिर से लगाना पड़ा। खराब स्वास्थ्य के चलते ही जेटली ने 2019 का लोकसभा चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया था। मई 2018 में किडनी ट्रांसप्लांट एम्स में हुआ था। बता दें पूर्व वित्तमंत्री का हाल जानने बसपा सुप्रीमो मायावती भी एम्स पहुंचीं थीं। जहां जेटली से मुलाकात के बात मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा किए आज मैं पूर्व वित्त एवं रक्षा मंत्री अरुण जेटली के स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को जानने के लिए एम्स गई थी। वहां मैं उनके परिजनों और उनसे मिली मैं भगवान से अरुण जेटली के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करती हूं।