1. हिन्दी समाचार
  2. पूर्व IAF चीफ बोले- नतीजा कुछ और होता, अगर अभिनंदन मिग की बजाय राफेल उड़ा रहे होते

पूर्व IAF चीफ बोले- नतीजा कुछ और होता, अगर अभिनंदन मिग की बजाय राफेल उड़ा रहे होते

Former Iaf Chief Said The Result Would Have Been Different If Abhinandan Was Blowing Rafael Instead Of Mig

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। राफेल लड़ाकू विमान खरीद सौदा को लेकर हुए विवाद का जिक्र करते हुए पूर्व वायुसेना प्रमुख बी एस धनोवा ने शनिवार को कहा कि इस तरह के विवाद रक्षा खरीदों को धीमा कर देते हैं जिससे सशस्त्र बलों की क्षमताओं पर असर पड़ता है। आईआईटी बॉम्बे के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर गत वर्ष पाकिस्तान के साथ भिड़ंत के दौरान कैप्टन अभिनंदन मिग की बजाय राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट उड़ा रहे होते तो नतीजा कुछ और होता।  

पढ़ें :- 23 जनवरी राशिफल: इस राशि के जातकों को मिलेगी शनिदेव की खास कृपा, जानिए बाकी राशियों का हाल

आईआईटी बॉम्बे के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे (नरेंद्र मोदी सरकार को क्लिन चिट देने) पर एक बढ़िया फैसला दिया। उन्होंने कहा, “मेरा निजी रूप मानना रहा है कि जब राफेल जैसा मुद्दा उछाला जाएगा, आप रक्षा खरीद प्रणाली को राजनीतिक रंग देंगे, तब पूरा सिस्टम लेट हो जाता है। सभी दूसरी फाइलें भी धीमी गति से आगे बढ़ेंगी क्योंकि तब लोग बहुत सचेत होना शुरू हो जाएंगे।”

पूर्व एयर चीफ मार्शल ने कहा कि बालाकोट हवाई हमले के बाद भारत-पाकिस्तान गतिरोध के दौरान यदि विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान मिग 21 के बजाय राफेल उड़ा रहे होते, तो नतीजा कुछ अलग होता। धनोवा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत यूपीए सरकार का नाम लिए बगैर कहा कि 100 प्रतिशत यह (परिणाम) अलग होता। वह (अभिनंदन) राफेल क्यों नहीं उड़ा रहे थे? क्योंकि आपने यह फैसला करने में 10 साल लगाया कि कौन सा विमान खरीदा जाए. इसलिए यह (विलंब) आपको प्रभावित करता है।

पूर्व वायुसेना प्रमुख ने इस बात का जिक्र किया कि बोफोर्स सौदा भी विवाद में रहा था, जबकि बोफोर्स तोप अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी कई एजेंसियां हैं जो शिकायतें प्राप्त होने पर सौदों की जांच करती है।

धनोआ ने कहा कि लोगों को विमानों की कीमतों के बारे में पूछने का अधिकार है क्योंकि उसमें करदाताओं का पैसा लगा होता है। पिछले साल सितंबर में सेवानिवृत्त हुए धनोआ ने कहा कि विवाद पैदा होने के चलते रक्षा (साजो सामान) के आधुनिकीकरण के धीमा पड़ने का बाद में आप पर असर पड़ता है। 

पढ़ें :- किसी समय कोई चौकीदार था तो कोई वेटर, लेकिन आज हैं ये 8 बॉलीवुड के चमकते सितारे

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...