1. हिन्दी समाचार
  2. खबरें
  3. झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 7 साल की सजा, 2 करोड़ का जुर्माना

झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 7 साल की सजा, 2 करोड़ का जुर्माना

रांची। झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का पर मनी लॉन्ड्रिंग केस के चलते बड़ा फैसला सुनाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक कोर्ट ने एक्का को सात साल सश्रम जेल की सजा सुनाई है, साथ ही उनपर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एक्का झारखंड सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनके खिलाफ गुरुवार को ईडी के स्पेशल जज अनिल कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाया। एक्का के खिलाफ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये फैसला सुनाया गया।

फैसले में जज ने कहा कि एनोस एक्का अगर जुर्माना नहीं देते हैं तो उन्हें जेल में एक साल और सश्रम कारावास भुगतनी होगी। ईडी ने उनकी सभी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है। इससे जुड़े दो और मामले हैं जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 41 के तहत फैसला सुनाया गया। ईडी ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का की संपत्ति जब्त कर भारत सरकार को सौंपने का आदेश दिया है।

इससे पहले फरवरी महीने में एनोस एक्का को आय से अधिक संपत्ति मामले में परिवार के सभी सात सदस्यों के साथ दोषी करार दिया गया था। कोर्ट के फैसले में इन सभी को 7-7 साल की सजा और 50-50 लाख का जुर्माना लगाया गया। एक्का पर तकरीबन 16.82 करोड़ रुपए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला है। इस मामले में एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, भाई गिदियोन एक्का, रिश्तेदार रोशन मिंज, दीपक लकड़ा, जयकांत बाड़ा और इब्राहिम एक्का दोषी करार दिए गए थे।

बता दें कि एक्का 2006 से 2008 तक मधु कोड़ा सरकार में मंत्री रहे थे। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के लिए उनके खिलाफ 2009 में राज्य सतर्कता विभाग में शिकायत दर्ज की गई थी। झारखंड हाई कोर्ट के दिशा-निर्देश पर बाद में मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था।

रांची में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके मिश्र की कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया था। पूर्व मंत्री एनोस एक्का के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले की सुनवाई चल रही थी। अब पूर्व मंत्री को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी पाया गया है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...