नॉर्वे के पूर्व पीएम ने किया कश्मीर और पीओके का दौरा, उमर ने किया विरोध

narvey ex pm
नॉर्वे के पूर्व पीएम ने किया कश्मीर और पीओके का दौरा, उमर ने किया विरोध

नई दिल्ली। नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री के. मंगने बोंडेविक की कश्मीर यात्रा को विवाद खड़ा हो गया है। यात्रा के दौरान उनकी हुर्रियत नेताओं ने इसमें आग में घी का काम किया है। श्री श्री रवि शंकर के संगठन की ओर से बुलाए गए बोंडेविक ने पिछले सप्ताह हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक और सैयद अली शाह गिलानी से मुलाकात से उन्होने मुलाकात की थी। अभी वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हैं और मुजफ्फराबाद में वहां के ‘राष्ट्रपति’ मसूद खान से मुलाकात की। उनके इस दौरे को लेकर नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कुछ चीजें साफ करने को कहा है।

Former Norway Pm Kjell Magne Bondevik Visits Kashmir Pok :

बता दें कि उमर ने एक ट्वीट में कहा कि नॉर्वे के नेता कश्मीर में क्या कर रहे हैं? क्या (विदेश मंत्री) सुषमा स्वराज जी या (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) अजीत डोभाल जी नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री की यात्रा सही परिप्रेक्ष्य में विभाजित राज्य के दोनों ओर कराने की सोच रहे हैं। उन्होने आगे कहा कि क्या हमें अफवाहों और कयासों पर भरोसा करना चाहिए।

बयान के मुताबिक अलगाववादी नेताओं ने बोंडेविक को कश्मीर की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी और इसे बहुत ही संवेदनशील तथा नाजुक बताया। बयान में दावा किया गया है कि बोंडेविक नीत शिष्टमंडल ने अलगाववादी नेताओं को भरोसा दिलाया कि वे यह सुनिश्चित कराने की कोशिश करेंगे कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई सतत और नतीजे देने वाली वार्ता शुरू हो ताकि कश्मीर मुद्दे का सौहार्द्रपूर्ण हल निकल सकें।

नई दिल्ली। नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री के. मंगने बोंडेविक की कश्मीर यात्रा को विवाद खड़ा हो गया है। यात्रा के दौरान उनकी हुर्रियत नेताओं ने इसमें आग में घी का काम किया है। श्री श्री रवि शंकर के संगठन की ओर से बुलाए गए बोंडेविक ने पिछले सप्ताह हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक और सैयद अली शाह गिलानी से मुलाकात से उन्होने मुलाकात की थी। अभी वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हैं और मुजफ्फराबाद में वहां के 'राष्ट्रपति' मसूद खान से मुलाकात की। उनके इस दौरे को लेकर नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कुछ चीजें साफ करने को कहा है। बता दें कि उमर ने एक ट्वीट में कहा कि नॉर्वे के नेता कश्मीर में क्या कर रहे हैं? क्या (विदेश मंत्री) सुषमा स्वराज जी या (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) अजीत डोभाल जी नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री की यात्रा सही परिप्रेक्ष्य में विभाजित राज्य के दोनों ओर कराने की सोच रहे हैं। उन्होने आगे कहा कि क्या हमें अफवाहों और कयासों पर भरोसा करना चाहिए। बयान के मुताबिक अलगाववादी नेताओं ने बोंडेविक को कश्मीर की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी और इसे बहुत ही संवेदनशील तथा नाजुक बताया। बयान में दावा किया गया है कि बोंडेविक नीत शिष्टमंडल ने अलगाववादी नेताओं को भरोसा दिलाया कि वे यह सुनिश्चित कराने की कोशिश करेंगे कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई सतत और नतीजे देने वाली वार्ता शुरू हो ताकि कश्मीर मुद्दे का सौहार्द्रपूर्ण हल निकल सकें।