पाक के पूर्व PM नवाज शरीफ की बेटी मरियम को लाहौर HC से जमानत, इस मामले में हुई थी जेल

maryam nawaz
पाक के पूर्व PM नवाज शरीफ की बेटी मरियम को लाहौर HC से जमानत, इस मामले में हुई थी जेल

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बेटी मरियम नवाज शरीफ को चौधरी शुगर मिल केस में लाहौर हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति अली बकर नजाफी और न्यायमूर्ति सरदार अहमद नईम की खंडपीठ ने मरियम नवाज की जमानत अर्जी मंजूर की। मरियम के वकील और राष्ट्रीय जबावदेही ब्यूरो (नैब) के अधिकारी भी सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित थे। खंडपीठ ने इस मामले में 31 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Former Pak Pm Nawaz Sharifs Daughter Maryam Got Bail From Lahore Hc Was Jailed In This Case :

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की नेता मरयम को 8 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने पीएमएल-एन नेता को एक-एक करोड़ रुपये के दो जमानत बांड और 7 करोड़ रुपये अतिरिक्त जमा करने का आदेश दिया है। इसके अलावा मरियम को अपना पासपोर्ट भी सरेंडर करना होगा। 31 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पीएमएल-एन उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने 30 सितंबर को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें चौधरी शुगर मिल मामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत की मांग की गई थी। इस मामले में मरियम नवाज पर मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह है।

अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अचानक तबियत खराब होने के बाद मरियम नवाज ने 24 अक्टूबर को याचिका दायर कर मौलिक अधिकारों और मानवीय कारणों के आधार पर तत्काल जमानत की मांग की थी। 29 अक्टूबर को इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने अल अजीजिया मामले में नवाज शरीफ की सजा को आठ हफ्ते के लिए टाल दिया था। पिछले महीने नवाज शरीफ के अस्पताल में भर्ती होने के बाद कोर्ट ने मरियम नवाज को अपने पिता से मिलने की अनुमति दी थी।

8 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी
मरियम और उनके चचेरे भाई यूसुफ अब्बास को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने 8 अगस्त को चौधरी सूगर मिल मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में 25 सितंबर को उन्हें लाहौर की अदालत द्वारा न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बेटी मरियम नवाज शरीफ को चौधरी शुगर मिल केस में लाहौर हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति अली बकर नजाफी और न्यायमूर्ति सरदार अहमद नईम की खंडपीठ ने मरियम नवाज की जमानत अर्जी मंजूर की। मरियम के वकील और राष्ट्रीय जबावदेही ब्यूरो (नैब) के अधिकारी भी सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित थे। खंडपीठ ने इस मामले में 31 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की नेता मरयम को 8 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने पीएमएल-एन नेता को एक-एक करोड़ रुपये के दो जमानत बांड और 7 करोड़ रुपये अतिरिक्त जमा करने का आदेश दिया है। इसके अलावा मरियम को अपना पासपोर्ट भी सरेंडर करना होगा। 31 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीएमएल-एन उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने 30 सितंबर को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें चौधरी शुगर मिल मामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत की मांग की गई थी। इस मामले में मरियम नवाज पर मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह है। अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अचानक तबियत खराब होने के बाद मरियम नवाज ने 24 अक्टूबर को याचिका दायर कर मौलिक अधिकारों और मानवीय कारणों के आधार पर तत्काल जमानत की मांग की थी। 29 अक्टूबर को इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने अल अजीजिया मामले में नवाज शरीफ की सजा को आठ हफ्ते के लिए टाल दिया था। पिछले महीने नवाज शरीफ के अस्पताल में भर्ती होने के बाद कोर्ट ने मरियम नवाज को अपने पिता से मिलने की अनुमति दी थी। 8 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी मरियम और उनके चचेरे भाई यूसुफ अब्बास को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने 8 अगस्त को चौधरी सूगर मिल मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में 25 सितंबर को उन्हें लाहौर की अदालत द्वारा न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।