पूर्व PM नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में सात साल की सजा

पूर्व PM नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में सात साल की सजा
पूर्व PM नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में सात साल की सजा

नई दिल्ली। पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के शेष दो मामलों में उन्हें दोषी करार दिया। उन पर 25 लाख डॉलर (करीब 175 करोड़ रुपए) का जुर्माना भी लगाया गया है। सोमवार को यह सजा अल अजीजिया स्टील मिल्स मामले में सुनाई गई। फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट्स से जुड़े एक और मामले में उन्हें बरी कर दिया गया। शरीफ फिलहाल भ्रष्टाचार के एक दूसरे मामले में पहले से ही में जेल में हैं।

Former Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif Sentenced To Seven Years In Prison :

क्या है अल अजीजिया स्टील मिल्स केस?

पनामा पेपर्स के खुलासे के बाद 8 सितंबर 2017 को नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो ने नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ अल अजीजिया स्टील मिल्स केस दर्ज किया था। नवाज शरीफ के पिता मोहम्मद शरीफ ने 2001 में सऊदी अरब में अल अजीजिया स्टील मिल्स की स्थापना की थी। शरीफ परिवार का कहना था कि इसके लिए सऊदी सरकार ने कर्ज दिया था। इसके बदले में एक संपत्ति गिरवी भी रखी गई थी।

जबकि नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो का कहना था कि इस मिल की स्थापना पाकिस्तान में जुटाए गए कालेधन से की गई थी। इसके लिए हिल मेटल के नाम से एक कंपनी बनाई गई और पाकिस्तान से आए कालेधन को सफेद किया गया। एंटी करप्शन कोर्ट ने ब्यूरो की जांच को सही ठहराया और नवाज शरीफ को दोषी करार दिया।

राजनीतिक वनवास झेल रहे नवाज शरीफ के समर्थक बड़ी संख्या में कोर्ट रूम के बाहर मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शरीफ समय पर अदालत पहुंच गए थे और इस दौरान वह बिल्कुल शांत नजर आ रहे थे। हालांकि, शरीफ के पास इस फैसले को चुनौती देने का विकल्प मौजूद है।

बता दें कि इन दोनों मामलों पर पिछले हफ्ते सुनवाई पूरी कर लेने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। नवाज शरीफ पर इससे पहले भी भ्रष्टाचार के कई आरोप लग चुके हैं। उन्हें 10 साल के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य भी घोषित किया जा चुका है। पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे शरीफ के कुनबे के लिए यह फैसला बड़ा झटका है। बता दें कि पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने चुनाव प्रचार में शरीफ परिवार के भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था।

नई दिल्ली। पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के शेष दो मामलों में उन्हें दोषी करार दिया। उन पर 25 लाख डॉलर (करीब 175 करोड़ रुपए) का जुर्माना भी लगाया गया है। सोमवार को यह सजा अल अजीजिया स्टील मिल्स मामले में सुनाई गई। फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट्स से जुड़े एक और मामले में उन्हें बरी कर दिया गया। शरीफ फिलहाल भ्रष्टाचार के एक दूसरे मामले में पहले से ही में जेल में हैं।

क्या है अल अजीजिया स्टील मिल्स केस?

पनामा पेपर्स के खुलासे के बाद 8 सितंबर 2017 को नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो ने नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ अल अजीजिया स्टील मिल्स केस दर्ज किया था। नवाज शरीफ के पिता मोहम्मद शरीफ ने 2001 में सऊदी अरब में अल अजीजिया स्टील मिल्स की स्थापना की थी। शरीफ परिवार का कहना था कि इसके लिए सऊदी सरकार ने कर्ज दिया था। इसके बदले में एक संपत्ति गिरवी भी रखी गई थी। जबकि नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो का कहना था कि इस मिल की स्थापना पाकिस्तान में जुटाए गए कालेधन से की गई थी। इसके लिए हिल मेटल के नाम से एक कंपनी बनाई गई और पाकिस्तान से आए कालेधन को सफेद किया गया। एंटी करप्शन कोर्ट ने ब्यूरो की जांच को सही ठहराया और नवाज शरीफ को दोषी करार दिया। राजनीतिक वनवास झेल रहे नवाज शरीफ के समर्थक बड़ी संख्या में कोर्ट रूम के बाहर मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शरीफ समय पर अदालत पहुंच गए थे और इस दौरान वह बिल्कुल शांत नजर आ रहे थे। हालांकि, शरीफ के पास इस फैसले को चुनौती देने का विकल्प मौजूद है। बता दें कि इन दोनों मामलों पर पिछले हफ्ते सुनवाई पूरी कर लेने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। नवाज शरीफ पर इससे पहले भी भ्रष्टाचार के कई आरोप लग चुके हैं। उन्हें 10 साल के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य भी घोषित किया जा चुका है। पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे शरीफ के कुनबे के लिए यह फैसला बड़ा झटका है। बता दें कि पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने चुनाव प्रचार में शरीफ परिवार के भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था।