बस्‍ती में एपीएन पीजी कॉलेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्‍या

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बस्‍ती में एपीएन पीजी कॉलेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्‍या

बस्ती। यूपी के बस्ती जिले में बीजेपी नेता और एपीएन पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य नारायण तिवारी उर्फ कबीर को बुधवार को शहर के मालवीय रोड स्थित अग्रवाल भवन परिसर में गोली मार दी गई। घायल कबीर को जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्‍हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां डाक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

Former President Of Apn Pg College Students Union Shot Dead In Broad Daylight :

पुलिस के मुताबिक कोतवाली थानातंर्गत रंजीत चौराहे के निकट एक प्लाट था। जिस पर कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार सुबह आदित्य नारायण अकेले ही प्लाट पर जा पहुंचे। तभी बाइक सवार दो हमलावर पहुंचे और पिस्टल से फायर कर दिया। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े। एक युवक को मौके पर ही पकड़ा गया। दूसरा भागते हुए पिकौरा शिव गुलाम मोहल्ले में एक व्यक्ति के घर में घुस गया। भीड़ ने उसे भी पकड़ लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को अपनी सुपुर्दगी में लिया है। इस घटना के बाद लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने लोगों को शांत कराया। भीड़ को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। जिला अस्पताल मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया है। शहर में चौकसी बढ़ा दी गई है।

घटना से आक्रोशित भाजपा नेताओं व आम लोगों ने जिला अस्पताल के पास सड़क जाम कर दिया है। आक्रोशित लोगों ने घटना के लिए पुलिस को जिम्‍मेदार बताया है। वारदात के बाद कोतवाली पर कई थानों की फोर्स जमा है। एएसपी पंकज, सीओ सिटी गिरीश कुमार सिंह, कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह, एसओ पुरानी बस्ती सर्वेश राय, एसओ वाल्टरगंज अरविंद शाही, एसडीएम सदर एसपी शुक्ल सहित अन्य अधिकारी मौजूद हैं।

कबीर की मौत पर गांव में मातम

कबीर की मौत पर पूरे ऐंठीडीह गांव में मातम है। कबीर की मौत पर गांव की हर आंख नम है। सभी को सम्मान देने की कबीर की आदत के चलते कबीर पूरे गांव के दुलारे थे। एक सामान्य किसान के बेटे की पूरे जिले में अच्छी छवि से पूरा गांव गदगद रहता था। अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे कबीर जब एपीएन कालेज के अध्यक्ष बने तो सभी ने उनके राजनीति के क्षितिज पर चमकने की कामना की। भाजपा के स्थानीय नेता हों या फिर प्रदेश स्तरीय नेता सभी उन्‍हें चाहते थे। युवाओं में उनकी अच्‍छी पकड़ उसका मजबूत पक्ष था।

बस्ती। यूपी के बस्ती जिले में बीजेपी नेता और एपीएन पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य नारायण तिवारी उर्फ कबीर को बुधवार को शहर के मालवीय रोड स्थित अग्रवाल भवन परिसर में गोली मार दी गई। घायल कबीर को जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्‍हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां डाक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस के मुताबिक कोतवाली थानातंर्गत रंजीत चौराहे के निकट एक प्लाट था। जिस पर कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार सुबह आदित्य नारायण अकेले ही प्लाट पर जा पहुंचे। तभी बाइक सवार दो हमलावर पहुंचे और पिस्टल से फायर कर दिया। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े। एक युवक को मौके पर ही पकड़ा गया। दूसरा भागते हुए पिकौरा शिव गुलाम मोहल्ले में एक व्यक्ति के घर में घुस गया। भीड़ ने उसे भी पकड़ लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को अपनी सुपुर्दगी में लिया है। इस घटना के बाद लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने लोगों को शांत कराया। भीड़ को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। जिला अस्पताल मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया है। शहर में चौकसी बढ़ा दी गई है। घटना से आक्रोशित भाजपा नेताओं व आम लोगों ने जिला अस्पताल के पास सड़क जाम कर दिया है। आक्रोशित लोगों ने घटना के लिए पुलिस को जिम्‍मेदार बताया है। वारदात के बाद कोतवाली पर कई थानों की फोर्स जमा है। एएसपी पंकज, सीओ सिटी गिरीश कुमार सिंह, कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह, एसओ पुरानी बस्ती सर्वेश राय, एसओ वाल्टरगंज अरविंद शाही, एसडीएम सदर एसपी शुक्ल सहित अन्य अधिकारी मौजूद हैं।

कबीर की मौत पर गांव में मातम

कबीर की मौत पर पूरे ऐंठीडीह गांव में मातम है। कबीर की मौत पर गांव की हर आंख नम है। सभी को सम्मान देने की कबीर की आदत के चलते कबीर पूरे गांव के दुलारे थे। एक सामान्य किसान के बेटे की पूरे जिले में अच्छी छवि से पूरा गांव गदगद रहता था। अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे कबीर जब एपीएन कालेज के अध्यक्ष बने तो सभी ने उनके राजनीति के क्षितिज पर चमकने की कामना की। भाजपा के स्थानीय नेता हों या फिर प्रदेश स्तरीय नेता सभी उन्‍हें चाहते थे। युवाओं में उनकी अच्‍छी पकड़ उसका मजबूत पक्ष था।