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पहलवानों के समर्थन में उतरे प्रो पंजा लीग के फाउंडर, कहा-आप ये नहीं कह सकते हैं कि वो चुप्प क्यों थे, क्योंकि वो डरे हुए थे…

जब इतने बड़े-बड़े खिलाड़ी बोल रहे हैं तो कुछ न कुछ सच्चाई होगी। मेरे ख्याल से उनको अपने पद से हट जाना चाहिए, ताकि जांच सही से हो सके। ऐसे में भी अगर वो कुर्सी नहीं छोड़ते हैं तो माना जाएगा कि उन्हें कुर्सी से चिपकने की आदत है...। ये बातें प्रो पंजा लीग के फाउंडर और एक्टर प्रवीण दबास ने कहीं। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर लगे गंभीर आरोप पर उन्होंने खुलकर अपनी बात hindi.pardaphash.com पर रखी।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। जब इतने बड़े-बड़े खिलाड़ी बोल रहे हैं तो कुछ न कुछ सच्चाई होगी। मेरे ख्याल से उनको अपने पद से हट जाना चाहिए, ताकि जांच सही से हो सके। ऐसे में भी अगर वो कुर्सी नहीं छोड़ते हैं तो माना जाएगा कि उन्हें कुर्सी से चिपकने की आदत है…। ये बातें प्रो पंजा लीग के फाउंडर और एक्टर परवीन डबास ने कहीं। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर लगे गंभीर आरोप पर उन्होंने खुलकर अपनी बात hindi.pardaphash.com पर रखी। आइए जानते हैं बातचीत के मुख्य अंश…

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. क्या आपको लगता है कि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष गैरराजनीतिक व्यक्ति होने चाहिए? राजनीतिक व्यक्ति होने से खिलाड़ियों का शोषण हो रहा है?

ऐसा नहीं है कि केवल गैरराजनीतिक व्यक्ति ही भारतीय कुश्ती संघ या किसी और फेडरेशन को सही से संचालित कर सकता है। कभी-कभी वो भी सही नहीं होता। कई बार राजनीतिक व्यक्ति फेडरेशन को सही तरीके से चलाते हैं। ये व्यक्ति के ऊपर है कि वो कैसे चलाते हैं? ये भी जरूरी है कि उनका स्पोर्ट्स में कितना एक्सपीरियंस है। साथ ही हमेशा एक एडवाइजरी कमेटी खिलाड़ियों के हिसाब से होनी चाहिए।

. अगर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह इस तरह की हरकते करते थे तो आप अभी तक चुप्प क्यूं थे?

जब कोई हरकत करता है या उसके बारे में पता चलता है तो उसे सॉल्व करने की कोशिश की जाती है। मैं अपनी समझ के हिसाब से ही बोल सकता हूं। आप देखिए कई बार इस किस्म की हरकते होती हैं लेकिन महिलाएं इतनी हिम्मत नहीं जुटा पातीं हैं कि वो बता सकें। उनको लगता है कि उनका करियर खराब किया जा सकता है। आप ये नहीं कह सकते हैं कि चुप्प क्यों थे? क्योंकि वो डरे हुए थे। ऐसा नहीं है कि जो बाद में बोला गया है वो सच्च नहीं है।

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. क्या आपको लगता है कि बृजभूषण शरण सिंह अपने रसूख का इस्तेमाल खिलाड़ियों के ऊपर भी करते हैं?

ये तो मैं नहीं कह सकता हूं कि वो अपने रसूख का इस्तेमाल करते हैं या नहीं। लेकिन ये जरूर है कि इतने बड़े—बड़े खिलाड़ी विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक बोल रहे हैं तो उसमें कुछ न कुछ सच्चाई जरूर होगी। ऐसे खिलाड़ी अपने नाम को दांव पर रखकर ऐसा नहीं करेंगे। मैं यही कहूंगा कि कुछ न कुछ सच है। मेरे ख्याल से उनको अपने पद से हट जाना चाहिए ताकि सही से जांच हो सके।

. इतने संगीन आरोप के बाद भी बृजभूषण शरण सिंह इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे? आखिर इसके पीछे क्या वजह है?

इतने आरोपों के बाद भी अगर वो कुर्सी नहीं छोड़ रहें तो मैं कहूंगा कुछ लोगों की आदत है कुर्सी से चिपकने की। ऐसे में किसी समान्य व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगता है तो वो कुर्सी छोड़ देता, जब तक की जांच न हो जाए। अगर जांच में आरोप सही नहीं पाए जाते तो उन्हें दोबारा वापस आना चाहिए और उनको सजा मिलनी चाहिए। अगर जांच में कुछ सच्चाई मिलती है तो उनको सजा मिलनी चाहिए। लेकिन इन सबके बीच उनको कुर्सी जरूर छोड़नी चाहिए। इतने सारे खिलाड़ियों ने ये बात कही है ये सिर्फ एक खिलाड़ी की बात नहीं है।

. ऐसा तो नहीं कहीं बृजभूषण शरण सिंह को बचाया जा रहा है, आपको क्या लगता है?

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देखिए कोई भी कदम एकदम से नहीं होता है, ऐसा नहीं कहा जा सकता है कि उनको बचाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में दोनों तरफ की सुननी पड़ती है। कोई भी विषय के दो नजरिए देखने के होते हैं। न्याय ये कहता है कि दोनों तरफ की सुननी चाहिए। बृजभूषण शरण सिंह बोल रहे हैं कि उन्होंने कुछ नहीं किया है वो मीडियो में ये बातें बोल रहे हैं। मुझे ऐसा नहीं लग रहा है कि उन्हें बचाया जा रहा है। मैं तो चाहता हूं कि एक्शन लिया जाए। उनको इस पद को छोड़ना चाहिए। आरोप काफी सिरियस हैं। इतने सारे खिलाड़ी नाखुश हैं। एथलिट्स का सम्मान न करना भी बड़ी बात है। फेडरेशन को ये याद रखना चाहिए कि वो एथलिट्स वहां उनकी वजह से नहीं हैं बल्कि फेडरेशन एथलिट्स के लिए है।

. आपके यहां भी कई महिला रेसलर हैं, जिसमें रेफरी भी शामिल हैं…उनको कैसे सम्मान दिया जाता है?

हमारे यहां भी काफी आम रेसलर हैं और हमेशा उनकी देखभाल की जाती है। उनको बताया गया है कि अगर कुछ भी ऐसा होता है तो डायरेक्ट प्रीति जी या हमारे स्टाफ से बात कर सकते हैं। हमारे यहां अभी इस तरह का कुछ नहीं हुआ है लेकिन अगर कुछ होता है तो सख्त से सख्त कदम उठाएंगे। ऐसे किसी भी व्यक्ति को अपनी संस्था में नहीं रहने देंगे।

 

 

 

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