चार माह की शादी और आठ माह का गर्भ, अदालत ने विवाह को शून्य करार दिया

चार माह की शादी और आठ माह का गर्भ, अदालत ने विवाह को शून्य करार दिया
चार माह की शादी और आठ माह का गर्भ, अदालत ने विवाह को शून्य करार दिया

Four Month Before Married Lady Carrying Eight Months Pregnancy Court Sentenced Marriage As Zero

एक युवक को अपनी शादी के चार माह बाद जानकारी हुई कि उसकी पत्नी 8 माह की गर्भवती है। आनन फानन में युवक ने कानूनी सलाह लेकर अपने साथ हुए धोखे के खिलाफ अदालत की शरण ली और पत्नी से अलग होने की अपील दाखिल कर दी। अदालत ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए गर्भवती विवाहिता का डॉक्टरी परीक्षण करवाया। जिसमें विवाहिता पर विवाह से पहले गर्भवती होने के आरोप सही साबित हुए। अदालत ने सामने आए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विवाह को शून्य घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि इस मामले में दोषी पाई गई विवाहिता ने अदालत के समक्ष अपने पति से भर पोषण के लिए दावा भी ठोंका। जिसे अदालत ने विवाह को शून्य घोषित किए जाने के आधार पर निरस्त कर दिया।

पीड़ित पक्ष के वकील का कहना है कि उनके मुवक्किल युवक को अपने विवाह के चार महीने बाद पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। जिसके बाद युवक अपनी पत्नी और गर्भस्थ शिशु की जांच के लिए अस्पताल पहुंचा तो डाक्टर की रिपोर्ट में सामने आया कि गर्भ आठ महीने का है। डॉक्टर की इसी रिपोर्ट के आधार पर युवक ने अदालत के समक्ष विवाह को शून्य घोषित करने की अपील दाखिल की थी। जहां अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विवाह को शून्य घोषित कर दिया।

एक युवक को अपनी शादी के चार माह बाद जानकारी हुई कि उसकी पत्नी 8 माह की गर्भवती है। आनन फानन में युवक ने कानूनी सलाह लेकर अपने साथ हुए धोखे के खिलाफ अदालत की शरण ली और पत्नी से अलग होने की अपील दाखिल कर दी। अदालत ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए गर्भवती विवाहिता का डॉक्टरी परीक्षण करवाया। जिसमें विवाहिता पर विवाह से पहले गर्भवती होने के आरोप सही साबित हुए। अदालत ने सामने आए तथ्यों…