फ्रांस ने जला दिए 160 करोड़ मास्क, पीपीई किट की कमी से गई सैकड़ों डॉक्टरों की जान, सवालों के घेरे में सरकार

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पेरिस। दुनियाभर में कोरोना से संक्रमित होकर सैकड़ों डॉक्टरों और हेल्थ वर्कर्स ने अपनी जान गंवाई है। इन सबने पीपीई किट की कमी की बात कही थी। इधर एक सनसनीखेज खुलासे में पता चला है कि फ्रांस में 160 करोड़ फेसमास्क जला दिए गए थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस ने महामारी फैलने से पहले करीब 160 करोड़ फेसमास्क जला दिए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उस वक्त बताया गया था कि मास्क की कोई जरूरत नहीं है। द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस में कोरोना वायरस से संक्रमित होकर करीब 35 डॉक्टरों की जान गई है।

France Burnt 160 Million Masks Hundreds Of Doctors Lost Due To Shortage Of Ppe Kits Government Under Questions :

एक तरफ पीपीई किट की कमी और दूसरी तरफ फ्रांस का 160 करोड़ मास्क का जला दिया जाना, हैरान करने वाली खबर है। एक वक्त में फ्रांस के पास अरबों सर्जिकल मास्क का जखीरा था। उसके पास करीब 714 मिलियन हाई परफॉर्मेंस FFP2 मास्क थे। इस मास्क के जरिए 94 फीसदी पार्टिकल्स से बचाव होता है। स्वाइन फ्लू और सार्स की महामारी के दौरान मास्क का इतना बड़ा जखीरा इकट्ठा किया गया था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक जब फ्रांस को इस बारे में जानकारी मिली कि इस बीमारी से ज्यादा खतरा नहीं है तो उसने करोड़ों मास्क जला दिए। जब फ्रांस में कोरोना वायरस की महामारी फैली तो पता चला कि उसके पास सिर्फ 117 मिलियन मास्क यानी 11 करोड़ 70 लाख मास्क बचे रह गए हैं। इस नई रिपोर्ट ने फ्रांस की सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

पेरिस। दुनियाभर में कोरोना से संक्रमित होकर सैकड़ों डॉक्टरों और हेल्थ वर्कर्स ने अपनी जान गंवाई है। इन सबने पीपीई किट की कमी की बात कही थी। इधर एक सनसनीखेज खुलासे में पता चला है कि फ्रांस में 160 करोड़ फेसमास्क जला दिए गए थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस ने महामारी फैलने से पहले करीब 160 करोड़ फेसमास्क जला दिए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उस वक्त बताया गया था कि मास्क की कोई जरूरत नहीं है। द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस में कोरोना वायरस से संक्रमित होकर करीब 35 डॉक्टरों की जान गई है। एक तरफ पीपीई किट की कमी और दूसरी तरफ फ्रांस का 160 करोड़ मास्क का जला दिया जाना, हैरान करने वाली खबर है। एक वक्त में फ्रांस के पास अरबों सर्जिकल मास्क का जखीरा था। उसके पास करीब 714 मिलियन हाई परफॉर्मेंस FFP2 मास्क थे। इस मास्क के जरिए 94 फीसदी पार्टिकल्स से बचाव होता है। स्वाइन फ्लू और सार्स की महामारी के दौरान मास्क का इतना बड़ा जखीरा इकट्ठा किया गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक जब फ्रांस को इस बारे में जानकारी मिली कि इस बीमारी से ज्यादा खतरा नहीं है तो उसने करोड़ों मास्क जला दिए। जब फ्रांस में कोरोना वायरस की महामारी फैली तो पता चला कि उसके पास सिर्फ 117 मिलियन मास्क यानी 11 करोड़ 70 लाख मास्क बचे रह गए हैं। इस नई रिपोर्ट ने फ्रांस की सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।