प्रमुख सचिव उर्जा बनाकर जालसाज ने ठेकेदार से 10 लाख रुपये ठगे, जानिए कैसे

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तालकटोरा इलाके में रहने एक बिजली ठेकेदार को जालसाज ने प्रमुख सचिव उर्जा व यूपीपीसीएल का चेयरमैन बनकर फोन किया। जालसाज का नम्बर ट्रू कालर पर चेयरमैन अलोक कुमार के नाम से दर्शा रहा था। इसके बाद जालसाज ने मदद के नाम पर दो बार में पांच-पांच लाख रुपये ठेकेदार से एक बैंक खाते मेें जमा करा लिये। ठेकेदार भी चेयरमैन समझ जालसाज के खाते में रुपये जमा करता गया। तीसरी बार जब 10 लाख रुपये की मांग हुई तो ठेकेदार को शक हुआ। छानबीन करने पर उसको ठगी का पता चला। अब इस मामले में पीडि़त ने तालकटोरा थाने में एफआईआर दर्ज करायी है।

Fraud In Name Of Chairman Of Uppcl :

तालकटोरा के राजाजीपुरम सेक्टर 12 इलाके में बिजली ठेकेदार सैय्यद मुबीन अहमद अपने परिवार संग रहते हैं। उनका कहना है कि 16 अगस्त को उनके पास राजाजीपुरम विद्युत उपकेन्द्र के एक्सईएन एसके सिंह के नम्बर से फोन आया। एसके सिंह ने ठेकेदार को बताया कि चेयरमैन आलोक कुमार उनसे बात करना चाहते हैं। ठेकेदार को यह बात कुछ अटपटी लगी। उसने एक्सईएन से कहा कि वह चेयरमैन को फोन कर लेगा।

एक्सईएन का फोन रखते ही ठेकेदार के पास एक अनजान नम्बर से फोन आया। ट्रू कालर पर नम्बर यूपीसीएल के चेयरमैन आलोक कुमार का नाम दर्शा रहा था। ठेकेदार ने जब फोन उठाया तो फोनकर्ता ने अपना परिचय आलोक कुमार के रूप में दिया और ठेकेदार का हालचाल लिया। इसके बाद फोनकर्ता ने ठेकेदार से एक मदद की मांग की। फोनकर्ता कथित चेयरमैन ने ठेकेदार से पांच लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहे और दोपहर तक रुपये वापस करने की बात कही।

फोनकर्ता जालसाज को चेयरमैन आलोक कुमार समझ कर ठेकेदार ने बताये गये बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद फिर उसी नम्बर से फोन आया और दोबारा से पांच लाख रुपये की मांग की गयी। ठेकेदार ने बिना कुछ सोचे-समझे दोबारा पांच लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिये। फोनकर्ता जालसाज ने ठेकेदार से उनके बैंक का विवरण लेकर शाम तक सारे रुपये वापस करने की बात कही।

कुछ ही देर के बाद ठेकेदार के तीसरी बार उसी नम्बर से फोन आया और इस बार चेयरमैन आलोक कुमार के नाम से 10 लाख रुपये की मांग की गयी। बार-बार हो रही रुपये की मांग पर ठेकेदार को शक हुआ। ठेकेदार ने सीधे उपकेन्द्र के एक्सईएन एके सिंह से सम्पर्क किया। एसके सिंह बातचीत पर ठेकेदार को चौकाने वाली बात पता चली।

एक्सईएन ने बताया कि उन्होंने उसको फोन ही नहीं किया था। साथ ही एक्सईएन ने ठेकेदार को यह भी बताया कि जालसाज ने जिस नम्बर से उसको फोन किया था उसी नम्बर से उनके पास भी फोन आया और आरोपी ने एक्सईएन को धमकाया भी था। एक्सईएन की बात सुनने के बाद ठेकेदार को यकीन हो गया कि उनके साथ यूपीपीसीएल के चेयरमैन के नाम से फोन कर उनके साथ ठगी की गयी है। अब इस मामले में ठेकेदार ने तालकटोरा थाने में एफआईआर दर्ज करायी है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तालकटोरा इलाके में रहने एक बिजली ठेकेदार को जालसाज ने प्रमुख सचिव उर्जा व यूपीपीसीएल का चेयरमैन बनकर फोन किया। जालसाज का नम्बर ट्रू कालर पर चेयरमैन अलोक कुमार के नाम से दर्शा रहा था। इसके बाद जालसाज ने मदद के नाम पर दो बार में पांच-पांच लाख रुपये ठेकेदार से एक बैंक खाते मेें जमा करा लिये। ठेकेदार भी चेयरमैन समझ जालसाज के खाते में रुपये जमा करता गया। तीसरी बार जब 10 लाख रुपये की मांग हुई तो ठेकेदार को शक हुआ। छानबीन करने पर उसको ठगी का पता चला। अब इस मामले में पीडि़त ने तालकटोरा थाने में एफआईआर दर्ज करायी है। तालकटोरा के राजाजीपुरम सेक्टर 12 इलाके में बिजली ठेकेदार सैय्यद मुबीन अहमद अपने परिवार संग रहते हैं। उनका कहना है कि 16 अगस्त को उनके पास राजाजीपुरम विद्युत उपकेन्द्र के एक्सईएन एसके सिंह के नम्बर से फोन आया। एसके सिंह ने ठेकेदार को बताया कि चेयरमैन आलोक कुमार उनसे बात करना चाहते हैं। ठेकेदार को यह बात कुछ अटपटी लगी। उसने एक्सईएन से कहा कि वह चेयरमैन को फोन कर लेगा। एक्सईएन का फोन रखते ही ठेकेदार के पास एक अनजान नम्बर से फोन आया। ट्रू कालर पर नम्बर यूपीसीएल के चेयरमैन आलोक कुमार का नाम दर्शा रहा था। ठेकेदार ने जब फोन उठाया तो फोनकर्ता ने अपना परिचय आलोक कुमार के रूप में दिया और ठेकेदार का हालचाल लिया। इसके बाद फोनकर्ता ने ठेकेदार से एक मदद की मांग की। फोनकर्ता कथित चेयरमैन ने ठेकेदार से पांच लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहे और दोपहर तक रुपये वापस करने की बात कही। फोनकर्ता जालसाज को चेयरमैन आलोक कुमार समझ कर ठेकेदार ने बताये गये बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद फिर उसी नम्बर से फोन आया और दोबारा से पांच लाख रुपये की मांग की गयी। ठेकेदार ने बिना कुछ सोचे-समझे दोबारा पांच लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिये। फोनकर्ता जालसाज ने ठेकेदार से उनके बैंक का विवरण लेकर शाम तक सारे रुपये वापस करने की बात कही। कुछ ही देर के बाद ठेकेदार के तीसरी बार उसी नम्बर से फोन आया और इस बार चेयरमैन आलोक कुमार के नाम से 10 लाख रुपये की मांग की गयी। बार-बार हो रही रुपये की मांग पर ठेकेदार को शक हुआ। ठेकेदार ने सीधे उपकेन्द्र के एक्सईएन एके सिंह से सम्पर्क किया। एसके सिंह बातचीत पर ठेकेदार को चौकाने वाली बात पता चली। एक्सईएन ने बताया कि उन्होंने उसको फोन ही नहीं किया था। साथ ही एक्सईएन ने ठेकेदार को यह भी बताया कि जालसाज ने जिस नम्बर से उसको फोन किया था उसी नम्बर से उनके पास भी फोन आया और आरोपी ने एक्सईएन को धमकाया भी था। एक्सईएन की बात सुनने के बाद ठेकेदार को यकीन हो गया कि उनके साथ यूपीपीसीएल के चेयरमैन के नाम से फोन कर उनके साथ ठगी की गयी है। अब इस मामले में ठेकेदार ने तालकटोरा थाने में एफआईआर दर्ज करायी है।