बिजली विभाग का टेण्डर दिलाने के नाम पर 12 लाख की ठगी

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लखनऊ। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत एक कम्पनी को टेण्डर दिलाने के नाम पर एक जालसाज ने 12 लाख रुपये हड़प लिये। आरोपी ने बिजली विभाग में अपनी ऊंची पहुंचा का हवाला देते हुए कम्पनी को टेण्डर दिलाने की बात कही थी।

Fraud In Name Of Tender With Company :

रुपये मिलने के बाद भी जालसाज ने कम्पनी को टेण्डर नहीं दिलाया और रुपये भी हड़प लिये। कम्पनी ने जालसाज से रुपये वापसी की काफी कोशिश की पर रुपये वापस नहीं मिले। अब इस मामले में कम्पनी के मालिक ने जालसाज के खिलाफ गजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज करायी है। हरियाणा के फरीदाबाद निवासी सुमित पाण्डेय की क्यूविक इलेक्ट्रिकल्स एण्ड इजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कम्पनी है।

सुमित का कहना है कि वर्ष 2013 में उनकी कम्पनी ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में टेण्डर हासिल करने के लिए आवेदन किया था। इस बीच सुमित और उनके पिता की मुलाकात गाजीपुर के इन्दिरानगर निवासी प्रीतम सिंह से हुई। प्रीतम सिंह ने बिजली विभाग में अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए सुमित की कम्पनी को टेण्डर दिलाने की बात कही। कम्पनी के मालिक सुमित का कहना है कि टेण्डर दिलाने के एवज में प्रीतम सिंह ने उनसे वर्क आर्डर का 6 प्रतिशत और 25 लाख रुपये नकद की मांग की।

बातचीत में सौदा 15 लाख रुपये में तय हुआ। इसके बाद सुमित ने प्रीतम सिंह को पहली बार में पांच लाख और दूसरी बार में सात लाख रुपये नकद दे दिये। रुपये मिलने के बाद प्रीतम सिंह ने सुमित को आश्वासन दिया कि अब हर हाल मेेंं टेण्डर उनकी ही कम्पनी को मिलेगा।

देखते-देखते वक्त गुजरता चला गया और प्रीतम सिंह ने सुमित की कम्पनी को टेण्डर नहीं दिलाया। समय गुजरने पर सुमित पाण्डेय ने प्रीतम सिंह से अपने रुपये वापसी की मांग की तो प्रीतम सिंह आनाकानी करने लगा। कम्पनी मालिक सुमित ने प्रीतम सिंह से अपने रुपये हासिल करने के लिए हर संभव कोशिश की पर नाकाम रहे। अब इस मामले में सुमित पाण्डेय ने प्रीतम सिंह के खिलाफ गाजीपुर थाने में शिकायत की है। फिलहाल गाजीपुर पुलिस ने प्रीतम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

लखनऊ। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत एक कम्पनी को टेण्डर दिलाने के नाम पर एक जालसाज ने 12 लाख रुपये हड़प लिये। आरोपी ने बिजली विभाग में अपनी ऊंची पहुंचा का हवाला देते हुए कम्पनी को टेण्डर दिलाने की बात कही थी। रुपये मिलने के बाद भी जालसाज ने कम्पनी को टेण्डर नहीं दिलाया और रुपये भी हड़प लिये। कम्पनी ने जालसाज से रुपये वापसी की काफी कोशिश की पर रुपये वापस नहीं मिले। अब इस मामले में कम्पनी के मालिक ने जालसाज के खिलाफ गजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज करायी है। हरियाणा के फरीदाबाद निवासी सुमित पाण्डेय की क्यूविक इलेक्ट्रिकल्स एण्ड इजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कम्पनी है। सुमित का कहना है कि वर्ष 2013 में उनकी कम्पनी ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में टेण्डर हासिल करने के लिए आवेदन किया था। इस बीच सुमित और उनके पिता की मुलाकात गाजीपुर के इन्दिरानगर निवासी प्रीतम सिंह से हुई। प्रीतम सिंह ने बिजली विभाग में अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए सुमित की कम्पनी को टेण्डर दिलाने की बात कही। कम्पनी के मालिक सुमित का कहना है कि टेण्डर दिलाने के एवज में प्रीतम सिंह ने उनसे वर्क आर्डर का 6 प्रतिशत और 25 लाख रुपये नकद की मांग की। बातचीत में सौदा 15 लाख रुपये में तय हुआ। इसके बाद सुमित ने प्रीतम सिंह को पहली बार में पांच लाख और दूसरी बार में सात लाख रुपये नकद दे दिये। रुपये मिलने के बाद प्रीतम सिंह ने सुमित को आश्वासन दिया कि अब हर हाल मेेंं टेण्डर उनकी ही कम्पनी को मिलेगा। देखते-देखते वक्त गुजरता चला गया और प्रीतम सिंह ने सुमित की कम्पनी को टेण्डर नहीं दिलाया। समय गुजरने पर सुमित पाण्डेय ने प्रीतम सिंह से अपने रुपये वापसी की मांग की तो प्रीतम सिंह आनाकानी करने लगा। कम्पनी मालिक सुमित ने प्रीतम सिंह से अपने रुपये हासिल करने के लिए हर संभव कोशिश की पर नाकाम रहे। अब इस मामले में सुमित पाण्डेय ने प्रीतम सिंह के खिलाफ गाजीपुर थाने में शिकायत की है। फिलहाल गाजीपुर पुलिस ने प्रीतम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।