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सफ़दरजंग से गोरखपुर पहुचें 4 लोगों में एक की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव,प्रशानिक महकमें में मचा हड़कम

From Safdarjung Reach Gorakhpur Report Of One In 4 People Got Corona Positive There Was A Stir In The Administrative Atmosphere

By ravijaiswal 
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गोरखपुर शहर में 72 घंटे के अंदर दूसरा कोरोना पॉजिटिव

जयन्त नॉर्लिकर मंडलायुक्त ने कहा कि दिल्ली के सफदरजंग से एक परिवार आया था जिनमें एक 35 साल की महिला हैं संगीता उनका कोरोना पॉजिटिव पाया गया है….

दिल्ली के सफ़दरजंग से एक परिवार के चार लोग बीते दिनों गोरखपुर आये थे .जिनको जांच के बाद चारो को क़वारेंटाइन किया गया था. और उनका सेम्पल बीआरडी मेडिकल कॉलेज जांच के लिए भेजा गया जांच में एक महिला की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव.रिपोर्ट आने से प्रशानिक महकमे में मचा हड़कम्प.अब तक का यह दूसरा कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं गोराखपुर शहर का जो दोनों दिल्ली के सफदरजंग से आये थे.

गोरखपुर के बांसगांव का निवासी चिरकुट पिछले कई सालों से दिल्ली में रहता था.और चिरकुट दिल्ली के सफ़दरगंज में लिवर का इलाज करवा रहा था .
इस दौरान देश मे वैश्विक महामारी से सरकार ने लाकडाउन लगाया .
ताकि लोग सुरक्षित घरो में रहे और सुरक्षित रहे.इस बीच
चिरकुट लॉकडाउन की वजह से एक प्राइवेट एम्बुलेंस 23 हजार में बुक कर अपने पत्नी और बच्चों के साथ गोरखपुर के बांसगांव भैंसा रानी अपने गांव पहुँचा.लेकिन जब चिरकुट की सूचना ग्राम प्रधान को लगी कि दिल्ली से आया हुआ है .तो ग्राम प्रधान ने तत्काल बांसगांव सीएससी भेजा वहां जांच हुई उसके बाद .बांसगांव सीएससी से जिला चिकित्सालय भेजा गया .जिला चिकित्सालय में भी चिरकुट और उनके परिवार की जांच हुई जांच के बाद उनको नन्दा नगर टीबी हॉस्पिटल में
क़वारेंटाइन के लिए भेजा गया.
और उनका सैंपल लेकर गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया. मेडिकल कॉलेज से जब चारों के रिपोर्ट आई तो एक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाया गया. जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है .

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गोरखपुर के कमिश्‍नर जयंत नार्लीकर ने बताया कि बांसगांव के भैंसा रानी गांव का रहने वाला चित्रकूट अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली में रहता रहा है. वह सफदरजंग इलाके में कपड़ा धुलाई का काम करता है. लिवर में संक्रमण की वजह से उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था. लॉकडाउन में उसने 23 हजार रुपये में प्राइवेट एंबुलेंस तय किया और अपनी पत्नी, दो बेटी संगीता (35) और सरिता (32) और तीन साल के नाती के साथ अपने गांव बांसगांव थाना के भैंसारानी गांव 29 अप्रैल को पहुंच गया.

पुलिस के आलाधिकारियों के माध्‍यम से उसे सीधे अस्‍पताल ले जाया गया. वहां पर परिवार को कोरेंटाइन करने के बाद सबकी जांच के लिए नमूना लिया गया था. उन्‍होंने बताया कि चित्रकूट के साथ आई उसकी बेटी यानी 35 वर्षीय महिला को पॉजिटिव पाया गया है. इसके पहले दिल्‍ली के सफदरजंग अस्‍पताल से लिवर के संक्रमण का इलाज कराकर एंबुलेंस से 26 अप्रैल को गोरखपुर के उरुवा इलाके के हाटा बुजुर्ग के असिलाभार गांव पहुंचा शख्‍स जांच में कोरोपा पॉजिटिव पाया गया था.लेकिन देर रात बीआरडी मेडिकल कालेज में संगीता की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया.

टोल और शहर की सीमा पर तैनात पुलिसकर्मियों और चिकित्‍सकों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी बाहर से आने वाली एंबुलेंस को सीधे गांव नहीं भेजेंगे. उन्‍हें सीधे कोरेंटाइन सेंटर में तब्‍दील किए गए टीवी अस्‍पताल भेजा जा रहा है.

रविवार को ही हाटा-बुजुर्ग निवासी बाबूलाल दिल्ली से सफदरजंग से इलाज कराकर एम्बुलेंस से लौटा. उसी दिन जांच में कोरोना की तस्दीक हुई. इसके बाद सोमवार को प्रशासन ने एक दारोगा और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया. प्रशासन ने आदेश दिया कि अब बगैर जांच कोई एम्बुलेंस जिले में एंट्री नहीं करेगी.

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