ISRO के पूर्व प्रमुख का बड़ा खुलासा, UPA सरकार की वजह से चंद्रयान-2 भेजने में देरी हुई

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ISRO के पूर्व प्रमुख का बड़ा खुलासा, UPA सरकार की वजह से चंद्रयान-2 भेजने में देरी हुई

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर ने यूपीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 को लॉन्च करने की मूल योजना 2012 में थी, लेकिन, तत्कालीन प्रधानंमत्री मनमोहन सिंह की सरकार नीतिगत फैसले लेने में देरी कर गई।

G Madhavan Nair Regime Delayed Chandrayaan 2 Due To Some Policy Level Decisions Of Upa 2 Government :

चंद्रयान-1 के मुख्य कर्ता धर्ता रहे नायर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख और अंतरिक्ष विभाग में 2003 से 2009 तक सचिव के पद पर रहे थे और चंद्रयान-1, 22 अक्टूबर, 2008 में छोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 को 2012 के अंत में रवाना किया जाना था। नायर बीते साल अक्ट्रबर में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।

नायर के अनुसार यूपीए सरकार ने चंद्रयान-2 को 2012 में छोड़ा जाना था लेकिन यूपीए सरकार की नीतियों की वजह से यह लेट हो गया। लेकिन मोदी जी के सत्ता में आने के बाद उन्होंने इस तरह के प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया, खासतौर पर गगनयान और चंद्रयान-2 को। चांद पर मानवरहित चंद्रयान-1 अभियान के ऑर्किटेक्ट रहे नायर ने 2009 में कहा था कि चंद्रयान-2 अभियान 2012 के आखिर तक छोड़ा जाएगा

नायर की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने इसकी निंदा की है। इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वह बयान की निंदा करते हैं। वह एक वैज्ञानिक हैं। सरकार की आलोचना करना उनका काम नहीं है। बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में नायर भाजपा में शामिल हो गए थे।

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर ने यूपीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 को लॉन्च करने की मूल योजना 2012 में थी, लेकिन, तत्कालीन प्रधानंमत्री मनमोहन सिंह की सरकार नीतिगत फैसले लेने में देरी कर गई। चंद्रयान-1 के मुख्य कर्ता धर्ता रहे नायर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख और अंतरिक्ष विभाग में 2003 से 2009 तक सचिव के पद पर रहे थे और चंद्रयान-1, 22 अक्टूबर, 2008 में छोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 को 2012 के अंत में रवाना किया जाना था। नायर बीते साल अक्ट्रबर में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। नायर के अनुसार यूपीए सरकार ने चंद्रयान-2 को 2012 में छोड़ा जाना था लेकिन यूपीए सरकार की नीतियों की वजह से यह लेट हो गया। लेकिन मोदी जी के सत्ता में आने के बाद उन्होंने इस तरह के प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया, खासतौर पर गगनयान और चंद्रयान-2 को। चांद पर मानवरहित चंद्रयान-1 अभियान के ऑर्किटेक्ट रहे नायर ने 2009 में कहा था कि चंद्रयान-2 अभियान 2012 के आखिर तक छोड़ा जाएगा नायर की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने इसकी निंदा की है। इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वह बयान की निंदा करते हैं। वह एक वैज्ञानिक हैं। सरकार की आलोचना करना उनका काम नहीं है। बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में नायर भाजपा में शामिल हो गए थे।