महाराष्ट्र में फंसे पेच पर बोले गडकरी – क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी हो सकता है

Nitin Gadkari
महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव: गडकरी के गांव की सीट भी न बचा पायी BJP, नागपुर में बुरी हार

मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में सियासी घमासान का दौर जारी है। सभी की नजरें राजनीतिक पार्टियों पर हैं कि किस की सरकार बनेगी और कौन मुख्यमंत्री (Chief Minister) की कुर्सी पर बैठेगा। इसी बीच महाराष्ट्र की राजनीति में फंसे पेंच पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टिप्पणी की है। मुंबई में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी हो सकता है। कभी कभी आपको लगता है कि आप मैच हारने वाले हैं, लेकिन परिणाम उसका उलट ही आता है।’  

Gadkari Said On The Trapped Screw In Maharashtra Said Anything Can Happen In Cricket And Politics :

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन को जनता ने अपना आशीर्वाद भी दिया और बहुमत से ज्यादा सीटे दीं। भाजपा ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीतीं। लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों पार्टियों में मनमुटाव हो जाने की वजह से महाराष्ट्र में सरकार गठन नहीं हो सका।

कांग्रेस के खाते में 44 और एनसीपी के खाते में 54 सीटें आईं। अब शिवसेना राज्य में अपना सीएम बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के लिए प्रयासरत है। वहीं, भाजपा ने देवेंद्र फडणवीस के नाम पर चुनाव लड़ा था और उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाने पर अड़ी है।

शिवसेना वीर सावरकर को भारत रत्न देने की अपनी मॉंग से भी पीछे हट गई

इस बीच, शिवसेना विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे ने बताया कि गुरुवार को शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी नेताओं की संयुक्त बैठक हुई। इस दौरान कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चर्चा की गई। इसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है। ड्राफ्ट तीनों पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भेजा जाएगा और वे आखिरी फैसला लेंगे।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तैयार किया गया है, इसके अनुसार शिवसेना अपने हिंदुत्व के एजेंडे से पीछे हटते हुए मुसलमानों को 5 फीसदी आरक्षण देने पर राजी है। साथ ही वह वीर सावरकर को भारत रत्न देने की अपनी मॉंग से भी पीछे हट गई है।

मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में सियासी घमासान का दौर जारी है। सभी की नजरें राजनीतिक पार्टियों पर हैं कि किस की सरकार बनेगी और कौन मुख्यमंत्री (Chief Minister) की कुर्सी पर बैठेगा। इसी बीच महाराष्ट्र की राजनीति में फंसे पेंच पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टिप्पणी की है। मुंबई में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी हो सकता है। कभी कभी आपको लगता है कि आप मैच हारने वाले हैं, लेकिन परिणाम उसका उलट ही आता है।'   गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन को जनता ने अपना आशीर्वाद भी दिया और बहुमत से ज्यादा सीटे दीं। भाजपा ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीतीं। लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों पार्टियों में मनमुटाव हो जाने की वजह से महाराष्ट्र में सरकार गठन नहीं हो सका। कांग्रेस के खाते में 44 और एनसीपी के खाते में 54 सीटें आईं। अब शिवसेना राज्य में अपना सीएम बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के लिए प्रयासरत है। वहीं, भाजपा ने देवेंद्र फडणवीस के नाम पर चुनाव लड़ा था और उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाने पर अड़ी है। शिवसेना वीर सावरकर को भारत रत्न देने की अपनी मॉंग से भी पीछे हट गई इस बीच, शिवसेना विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे ने बताया कि गुरुवार को शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी नेताओं की संयुक्त बैठक हुई। इस दौरान कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चर्चा की गई। इसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है। ड्राफ्ट तीनों पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भेजा जाएगा और वे आखिरी फैसला लेंगे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तैयार किया गया है, इसके अनुसार शिवसेना अपने हिंदुत्व के एजेंडे से पीछे हटते हुए मुसलमानों को 5 फीसदी आरक्षण देने पर राजी है। साथ ही वह वीर सावरकर को भारत रत्न देने की अपनी मॉंग से भी पीछे हट गई है।