सरकार के रवैये से नाराज अन्ना हजारे कर रहे सत्याग्रह, बोले- पूरे नहीं हुए वादे

नई दिल्ली। महात्मा गांधी की जयंती(2 अक्टूबर) पर समाजसेवी अन्ना हज़ारे महाराष्ट्र से राजधानी दिल्ली पहुंचे। अन्ना हज़ारे ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और एक एक दिन के सत्याग्रह पर बैठ गए। अन्ना हजारे ने कहा, लोकपाल का वादा पूरा नहीं हुआ लेकिन वह दुखी नहीं है क्योंकि दुखी स्वार्थी लोग होते हैं। उन्होने कहा, भ्रष्टाचार को रोकने वाले एक भी कानून पर अमल नहीं हो पाया।

बीते दिनों अन्ना हज़ारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था। पत्र में अन्ना ने लिखा था, आंदोलन के छह साल बाद भी भ्रष्टाचार को रोकने वाले एक भी कानून पर अमल नहीं हो सका। लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति करने वाले और भ्रष्टाचार को रोकनेवाले सभी सशक्त बिलों पर सरकार सुस्ती दिखा रही है। किसानों की समस्याओं को लेकर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर भी अमल नहीं किया जा रहा है।

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सरकार के इस रवैए से नाराज अन्ना हजारे ने लेटर में तमाम मसलों के बारे में लिखा था और अब कोई जवाब नहीं मिलने पर दिल्ली में आंदोलन करने की भी बात कही थी।

बताया जा रहा है कि अन्न के पत्र का कोई जवाब ना मिलने से वो नाराज हैं। इसी बात को लेकर अन्ना आज राजघाट पर एक दिन के सत्याग्रह पर बैठे हैं। इससे पहले पुणे में अन्ना हजारे ने कहा था कि देश महात्मा गांधी के सपने के रास्ते से भटक गया है, इसीलिए वह गांधी जयंती के मौके पर एक दिन का सत्याग्रह करेंगे।

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