गांधीनगर बना देश का पहला ‘ऑल वुमेन रेलवे स्टेशन’, हर पद पर होंगी सिर्फ महिलाएं

गांधीनगर बना देश का पहला ‘ऑल वुमेन रेलवे स्टेशन’, हर पद पर होंगी सिर्फ महिलाएं
गांधीनगर बना देश का पहला ‘ऑल वुमेन रेलवे स्टेशन’, हर पद पर होंगी सिर्फ महिलाएं

Gandhi Nagar Railway Station Becomes First All Women Railway Station

जयपुर। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर मंडल के गांधीनगर स्टेशन को पूरी तरीके से महिला संचालित स्टेशन बना दिया है। जयपुर-दिल्ली रेलमार्ग पर स्थित जयपुर का यह एक महत्वपूर्ण स्टेशन है और यहां से रोजाना लगभग 50 रेलगाड़ियां गुजरती हैं, जिनमें से 25 रेलगाड़ियां यहां रूकती हैं। गांधी नगर रेलवे स्टेशन को अब स्टेशन मास्टर से लेकर गेटमैन तक कुल 40 महिलाओं की टीम संभालेगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे ने अनोखा और बेहतरीन प्रयोग करते हुए रेलवे स्टेशन मास्टर, इंजीनियर, टिकट क्लर्क, मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, फ्लैग इंडिकेटर, प्वांइट्स मैन और गेटमैन तक के सभी पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इस रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा में तैनात जीआरपी की टीम में भी महिलाएं ही शामिल होंगी। बता दें कि स्टेशन मास्टर की जिम्मेदारी एंजेला स्टेला को सौंपी गई है। एंजेला स्टेला के अनुसार गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 25 ट्रेनें रुकती हैं, वहीं कई ट्रेन यहां से गुजरती भी हैं। करीब 7000 यात्री इस रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन आते-जाते हैं।

स्टेशन पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, इनकी जीआरपी थाने में निरंतर मॉनिटरिंग होगी। रेलवे स्टेशन को वाई-फाई से भी जोड़ा गया है। स्टेशन पर महिला कर्मचारी तीन पारियों में काम करेंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पी.पी. सिंह का कहना है कि इस रेलवे स्टेशन से एक तरह के अलग ही बदलाव की उम्मीद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि महिला कर्मचारी काफी अच्छे ढंग से अपना काम करेंगी।

जयपुर। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर मंडल के गांधीनगर स्टेशन को पूरी तरीके से महिला संचालित स्टेशन बना दिया है। जयपुर-दिल्ली रेलमार्ग पर स्थित जयपुर का यह एक महत्वपूर्ण स्टेशन है और यहां से रोजाना लगभग 50 रेलगाड़ियां गुजरती हैं, जिनमें से 25 रेलगाड़ियां यहां रूकती हैं। गांधी नगर रेलवे स्टेशन को अब स्टेशन मास्टर से लेकर गेटमैन तक कुल 40 महिलाओं की टीम संभालेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अनोखा और बेहतरीन प्रयोग करते हुए रेलवे स्टेशन मास्टर, इंजीनियर, टिकट क्लर्क, मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, फ्लैग इंडिकेटर, प्वांइट्स मैन और गेटमैन तक के सभी पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इस रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा में तैनात जीआरपी की टीम में भी महिलाएं ही शामिल होंगी। बता दें कि स्टेशन मास्टर की जिम्मेदारी एंजेला स्टेला को सौंपी गई है। एंजेला स्टेला के अनुसार गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 25 ट्रेनें रुकती हैं, वहीं कई ट्रेन यहां से गुजरती भी हैं। करीब 7000 यात्री इस रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन आते-जाते हैं। स्टेशन पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, इनकी जीआरपी थाने में निरंतर मॉनिटरिंग होगी। रेलवे स्टेशन को वाई-फाई से भी जोड़ा गया है। स्टेशन पर महिला कर्मचारी तीन पारियों में काम करेंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पी.पी. सिंह का कहना है कि इस रेलवे स्टेशन से एक तरह के अलग ही बदलाव की उम्मीद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि महिला कर्मचारी काफी अच्छे ढंग से अपना काम करेंगी।