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इस वर्ष गंगा दशहरा पर बन रहा महासंयोग, घर पर रहकर इस विधि से करें गंगा पूजन

Ganga Dussehra Pooja Special Yog And Muhurat

By आस्था सिंह 
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एक तरफ जहां देश दुनिया कोरोना संकट से जूझ रहा है इसी बीच देश में सोमवार को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, देशभर में चल रहे लॉकडाउन के चलते इस बार गंगा के घाटों पर धार्मिक आयोजन नहीं हो सकेंगे। आदेश दिया गया है कि अपने-अपने घरों पर ही गंगा पूजन और जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करने से भी गंगा स्नान का फल प्राप्त होगा।

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मान्यतानुसार इस वर्ष गंगा दशहरा पर सात महायोगों का महासंयोग बन रहा है। सोमवार को दशमी तिथि दोपहर दो बजकर 57 मिनट तक रहेगी। 
पौराणिक मान्यता अनुसार गंगाजी का अवतरण 10 महायोगों में हुआ था। ये महायोग ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यतीपात योग, गर करण, आनन्द योग, कन्या राशि का चन्द्रमा व वृषभ राशि का सूर्य हैं। इन 10 महायोगों के साथ हस्त नक्षत्र व सोमवार का भी विशेष महत्व है। 

ये हैं सात महायोग

एक जून को 10 महायोगों में से सात महायोग सोमवार को उपस्थित हो रहे हैं।
ये ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र, गर करण, कन्या का चन्द्रमा व वृषभ राशि का सूर्य व दोपहर 1.16 बजे के बाद व्यतिपात योग गंगा दशहरा पर्व की शोभा को बढ़ा रहा है। 

इन महायोगों में गंगा स्नान व पूजन से 10 प्रकार के पापों, तीन कायिक, चार वाचिक व तीन मानसिक पापों का नाश होता है। यही वजह है कि यह पर्व गंगा दशहरा के नाम से मशहूर है।
मान्यता है कि गंगाजी के पूजन में 10 की संख्या का ही महत्व है।
जैसे 10 पूजा उपचारों से पूजन, 10 ब्राह्मणों  की पूजा व 10 दान।
गंगा स्नान में 10 गोते लगाने से 10 प्रकार के पापों का नाश होता है। 

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