दो सीएमओ और दो छात्र नेता के हत्यारे सुधाकर पाण्डेय ने किया सरेंडर, खाकी की मुस्तैदी पर सवालिया निशान

sudhakar panday
दो सीएमओ और दो छात्र नेता के हत्यारे सुधाकर पाण्डेय ने किया सरेंडर, खाकी की मुस्तैदी पर सवालिया निशान

Gangester Sudhakar Panday Surrender At Gangester Court

लखनऊ। एनआरएचएम घोटाले में फंसे दो सीएमओ विनोद आर्या और वीपी सिंह के साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता विनोद त्रिपाठी और गौरव सिंह के डबल मर्डर केस में नामजद सुधाकर पांडे ने गुरुवार को अचानक गैंगस्टर कोर्ट में एडीजे पद‌्माकर मणि त्रिपाठी के सामने सरेंडर कर दिया। खास बात ये रही उसे कई वर्षों से तलाश रही राजधानी पुलिस व एसटीएफ को इसकी भनक तक नही लगी। फिलहाल एडीजे ने 50 हजार रुपये के इनामी सुधाकर को एक सितम्बर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

बता दें कि विनोद त्रिपाठी और गौरव सिंह की हत्या में सुधाकर पांडे, अंशु दीक्षित और जय सिंह नामजद थे। जिसमें जय सिंह का एनकाउंटर हो चुका है, जबकि अंशु दीक्षित इस समय लखनऊ जेल में है। पुलिस सुधाकर को कभी गिरफ्तार नहीं कर पाई। उसके बिहार में एक मामले में उसके सरेंडर करने के बाद उसे यूपी लाया गया था लेकिन 28 सितम्बर 2010 को लखनऊ कोर्ट में पेशी के दौरान सुधाकर फरार हो गया था।

सूत्रों के अनुसार, सुधाकर गुरुवार को विनोद-गौरव मर्डर के गवाह को धमकाने के केस में सरेंडर करने गया था। ये मामला राजधानी के जानकीपुरम थाने में दर्ज कराया गया था। वकीलों ने उसे बताया कि उसे तुरंत जमानत मिल जाएगी। जिसके बाद वह गैंगस्टर कोर्ट पहुंच गया। बता दें अप्रैल 2008 में सुधाकर पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी।

मुन्ना की हत्या के बाद खुद को समझ रहा सुरक्षित

बता दें कि सुधाकर पाण्डेय की मुन्ना बजरंगी से तनातनी चल रही थी। विनोद ​त्रिपाठी और गौरव सिंह हत्याकांड में चश्मदीद रहे मुन्ना के करीबी हेमंत सिंह को सुधाकर पाण्डेय ने धमकाया था। फिलहाल उसकी इस मामले में गवाही हो चुकी है। मुन्ना की हत्या के तीन दिन बाद सुधाकर ने हेमंत को धमकाया था। जानकारों का कहना है कि मुन्ना की हत्या के बाद से सुधाकर यूपी में खुद को सुरक्षित मान रहा है, जिसके चलते उसने सरेंडर किया है।

पूर्वांचल के सफेदपोश प्राप्त है संरक्षण

सूत्रों का कहना है कि सुधाकर को पूर्वांचल के सफेदपोश का संरक्षण प्राप्त है। उसी के कहने पर उसने संरक्षण प्राप्त किया है। यह भी पता चला है कि सुधाकर की लोकेशन तीन महीने पहले मलयेशिया में मिली थी। डेढ़ माह पहले वह भारत आया था। तब उसने पूर्वांचल के इस सफेदपोश से सम्पर्क किया था। वहीं सुधाकर के अचानक इस तरह सरेंडर कर देने और इसकी भनक भी न लगने से पुलिस और एसटीएफ की खासी किरकिरी हुई है।

फिर तो नही रची जा रही कोई बड़ी साजिश!

सूत्रों का कहना है कि सुधाकर पाण्डेय को मुन्ना बजरंगी से ही खतरा ​था। अब उसकी हत्या के बाद से उसे कोई खतरा नही है। मुन्ना की मौत से उसके हौसले इतने बढ़ गए कि इसके तीन दिन बाद ही उसने हेमंत सिंह को धमकी दी थी। फिलहाल उसके सरेंडर के बाद से किसी से बड़ी साजिश की आशंका भी जताई जा रही है।

लखनऊ। एनआरएचएम घोटाले में फंसे दो सीएमओ विनोद आर्या और वीपी सिंह के साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता विनोद त्रिपाठी और गौरव सिंह के डबल मर्डर केस में नामजद सुधाकर पांडे ने गुरुवार को अचानक गैंगस्टर कोर्ट में एडीजे पद‌्माकर मणि त्रिपाठी के सामने सरेंडर कर दिया। खास बात ये रही उसे कई वर्षों से तलाश रही राजधानी पुलिस व एसटीएफ को इसकी भनक तक नही लगी। फिलहाल एडीजे ने 50 हजार रुपये के इनामी सुधाकर को एक…