गैरी कर्स्टन ने बताया, किस भारतीय खिलाड़ी के साथ काम करना रहा सबसे आसान

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गैरी कर्स्टन ने बताया, किस भारतीय खिलाड़ी के साथ काम करना रहा सबसे आसान

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन के कोचिंग काल में भारत ने 2011 का वनडे विश्व कप जीता था। कर्स्टन की कोचिंग में ही भारतीय टीम पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन की पोजिशन पर पहुंची थी। भारतीय टीम के साथ उनका सफर काफी सफल रहा। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने हाल ही में टीम इंडिया के साथ अपने कार्यकाल के बारे में कई बातें शेयर कीं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह उनकी जिंदगी के यादगार पर रहे हैं, जिन्हें वह हमेशा संजो के रखेंगे। गैरी कर्स्टन ने इस दौरान उस खिलाड़ी के नाम का भी खुलासा किया, जिसके साथ उन्हें काम करना सबसे आसान लगा।

Gary Kirsten Told Which Indian Player Was The Easiest To Work With :

गैरी कर्स्टन ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में ‘मास्टर ब्लास्टर’ की तारीफ करते हुए कहा कि सचिन तेंदुलकर के साथ काम करना बेहद आसान रहा। कर्स्टन 2008-11 में भारतीय टीम के कोच रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि इस दौरान उनका अपना करियर भी शानदार रहा है। कोचिंग के उस काल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि युवा विराट कोहली में उन्होंने बहुत संभावनाएं देखी थीं।

सचिन तेंदुलकर के साथ काम करना सबसे आसान

कर्स्टन ने कहा, ”सचिन तेंदुलकर के साथ काम करना सबसे आसान था, क्योंकि एक व्यक्ति के रूप में उनके पास मजबूत वैल्यू सिस्टम है। 2011 के विश्व कप में विराट कोहली में काफी संभावनाएं दिखाई दी थीं। आज वह महानतम खिलाड़ी हैं।”

भारतीय टीम के साथ सफर शानदार रहा

उन्होंने कहा, ”भारतीय टीम को कोचिंग करना उन्हें प्रिय था। मेरे जीवन में मिला यह बेस्ट विशेषाधिकार था। यह पूरी यात्रा ही शानदार रही। विश्व कप में खिलाड़ियों से बहुत सी अपेक्षाएं होती हैं कि वे कप जीतें। टीम इंडिया ने अविश्वसनीय रूप से उन अपेक्षाओं को पूरा किया।”

धोनी जानते हैं उन्हें कब विदा लेनी है

महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य पर उन्होंने कहा, ”वह जानते हैं कि कब क्रिकेट से विदा लेनी है। धोनी पर बात कभी खत्म नहीं होगी। पिछले विश्व कप में सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार के बाद से यह बहस चल रही है। बहुत से पूर्व क्रिकेटर और क्रिकेट पंडित मानते हैं कि धोनी की वापसी में काफी देर हो चुकी हैं। लेकिन मेरा मानना है कि इस निर्णय धोनी को करने देना चाहिए।”

धोनी को अपनी शर्तों पर छोड़ने का अधिकार

उन्होंने कहा, ”धोनी एक अविश्वसनीय क्रिकेटर हैं, उनकी बुद्धिमानी, शांतिप्रियता, पावर, स्पीड और मैच जिताने की क्षमताएं उन्होंने आधुनिक क्रिकेट का महानतम खिलाड़ी बनाती हैं। उन्हें खेल को अपनी शर्तों पर छोड़ने का अधिकार होना चाहिए।”

क्या 2019 का वो मैच उनके करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच बन जाएगा?

बता दें कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और स्टार क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में शुमार हैं। वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद से उन्होंने टीम इंडिया के लिए कोई मैच नहीं खेला है। इस बीच धोनी के संन्यास को लेकर भी चर्चाएं हुई हैं। हालांकि धोनी ने खुद अभी तक अपने संन्यास को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। अब बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या धोनी टीम इंडिया में वापसी करेंगे या फिर 2019 का वो मैच उनके करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच बन जाएगा?

धोनी ने भारत के लिए 90 टेस्ट मैच, 350 वनडे इंटरनेशनल मैच और 98 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैम्पियंस ट्रॉफी जीता है। वो इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिनकी कप्तानी में तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीती गई हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन के कोचिंग काल में भारत ने 2011 का वनडे विश्व कप जीता था। कर्स्टन की कोचिंग में ही भारतीय टीम पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन की पोजिशन पर पहुंची थी। भारतीय टीम के साथ उनका सफर काफी सफल रहा। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने हाल ही में टीम इंडिया के साथ अपने कार्यकाल के बारे में कई बातें शेयर कीं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह उनकी जिंदगी के यादगार पर रहे हैं, जिन्हें वह हमेशा संजो के रखेंगे। गैरी कर्स्टन ने इस दौरान उस खिलाड़ी के नाम का भी खुलासा किया, जिसके साथ उन्हें काम करना सबसे आसान लगा। गैरी कर्स्टन ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में 'मास्टर ब्लास्टर' की तारीफ करते हुए कहा कि सचिन तेंदुलकर के साथ काम करना बेहद आसान रहा। कर्स्टन 2008-11 में भारतीय टीम के कोच रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि इस दौरान उनका अपना करियर भी शानदार रहा है। कोचिंग के उस काल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि युवा विराट कोहली में उन्होंने बहुत संभावनाएं देखी थीं। सचिन तेंदुलकर के साथ काम करना सबसे आसान कर्स्टन ने कहा, ''सचिन तेंदुलकर के साथ काम करना सबसे आसान था, क्योंकि एक व्यक्ति के रूप में उनके पास मजबूत वैल्यू सिस्टम है। 2011 के विश्व कप में विराट कोहली में काफी संभावनाएं दिखाई दी थीं। आज वह महानतम खिलाड़ी हैं।'' भारतीय टीम के साथ सफर शानदार रहा उन्होंने कहा, ''भारतीय टीम को कोचिंग करना उन्हें प्रिय था। मेरे जीवन में मिला यह बेस्ट विशेषाधिकार था। यह पूरी यात्रा ही शानदार रही। विश्व कप में खिलाड़ियों से बहुत सी अपेक्षाएं होती हैं कि वे कप जीतें। टीम इंडिया ने अविश्वसनीय रूप से उन अपेक्षाओं को पूरा किया।'' धोनी जानते हैं उन्हें कब विदा लेनी है महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य पर उन्होंने कहा, ''वह जानते हैं कि कब क्रिकेट से विदा लेनी है। धोनी पर बात कभी खत्म नहीं होगी। पिछले विश्व कप में सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार के बाद से यह बहस चल रही है। बहुत से पूर्व क्रिकेटर और क्रिकेट पंडित मानते हैं कि धोनी की वापसी में काफी देर हो चुकी हैं। लेकिन मेरा मानना है कि इस निर्णय धोनी को करने देना चाहिए।'' धोनी को अपनी शर्तों पर छोड़ने का अधिकार उन्होंने कहा, ''धोनी एक अविश्वसनीय क्रिकेटर हैं, उनकी बुद्धिमानी, शांतिप्रियता, पावर, स्पीड और मैच जिताने की क्षमताएं उन्होंने आधुनिक क्रिकेट का महानतम खिलाड़ी बनाती हैं। उन्हें खेल को अपनी शर्तों पर छोड़ने का अधिकार होना चाहिए।'' क्या 2019 का वो मैच उनके करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच बन जाएगा? बता दें कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और स्टार क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में शुमार हैं। वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद से उन्होंने टीम इंडिया के लिए कोई मैच नहीं खेला है। इस बीच धोनी के संन्यास को लेकर भी चर्चाएं हुई हैं। हालांकि धोनी ने खुद अभी तक अपने संन्यास को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। अब बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या धोनी टीम इंडिया में वापसी करेंगे या फिर 2019 का वो मैच उनके करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच बन जाएगा? धोनी ने भारत के लिए 90 टेस्ट मैच, 350 वनडे इंटरनेशनल मैच और 98 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैम्पियंस ट्रॉफी जीता है। वो इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिनकी कप्तानी में तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीती गई हैं।