गायत्री मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक निलंबित

लखनऊ: चित्रकूट जिले के पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति मामले में जांच अधिकारी अमिता सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने पर करबी के कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्यपाल को निलंबित कर दिया है। प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला सविता पाठक ने कोतवाली में अपनी दो नाबालिग पुत्रियों के अपहरण की रिपोर्ट बीते दिन दर्ज करायी थी।



महिला का आरोप था कि गायत्री के खिलाफ दर्ज मामले की जांच अधिकारी व लखनऊ की सीओ अमिता सिंह और उसके साथ आए तीन अज्ञात लोग उसकी दो पुत्रियों अन्नू और मनु को बहला-फुसलाकर लखनऊ ले गए थे और गायत्री प्रजापति के पक्ष में बयान दर्ज कराकर यहां छोड़ गए।दोनों लड़कियों में एक लड़की वह है जिसने गायत्री प्रजापति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। महिला का आरोप है यह सब पूर्व मंत्री को बचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। उसने खुला आरोप लगाया कि सीओ, मंत्रियों के तीन लोगों के साथ चुपचाप आकर उसकी पुत्रियों को ले गयीं और वहां बहला फुसलाकर कुछ नशीली चीजें खिलाकर उनसे मनचाहा बयान दर्ज करा लिया है।




इस पर कोतवाली निरीक्षक सत्यपाल सिंह ने मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसी बात को लेकर पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह ने सत्यपाल को बगैर सूचना दिए मुकदमा दर्ज करने के मामले में निलंबति कर दिया है। ज्ञात हो कि लखनऊ में 164 के बयान दर्ज करने के लिए सीओ उनको ले गयी थी। सविता पाठक ने आरोप लगाया है कि उनकी पुत्री बाजार जाने को कह कर घर से निकली थी और रास्ते में सीओ अमिता सिंह और अन्य तीन लोगों ने उसको रोक लिया और वहीं से उसको लखनऊ ले गये थे। देर शाम तक जब उसकी पुत्री या नहीं लौटी थीं तो उसने करबी कोतवाली में मामला दर्ज करा कर घटना की जांच की गुहार लगायी थी।