रोते हुए योगी के जनता दरबार में पहुंची गायत्री प्रजापति की पत्नी और बेटियां, नहीं मिले सीएम

लखनऊ| रेप के आरोप में जेल में बंद यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति का परिवार लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में इंसाफ मांगने पहुंचा| इस दौरान गायत्री प्रजापति की पत्नी और उनकी दो बेटियों ने योगी आदित्यनाथ से मिलने की कोशिश की, लेकिन वह उनसे नहीं मिले| इसके बाद तीनों रोने लगे| परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मुलाकात सीएम से नहीं होती है, वे फरियादियों की तरह आते रहेंगे|




गायत्री प्रजापति की बेटी सुधा ने कहा, “ मेरे पिता निर्दोष हैं, उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है. हमारे पास इसके सबूत भी हैं, लड़की ने खुद कहा है कि वह गायत्री प्रजापति को नहीं जानती और न ही उसने एफआईआर लिखवाई है| गायत्री प्रजापति की पत्नी महर्षि देवी ने कहा, “हमारी मुलाकात एक मंत्री से हुई| उन्होंने हमें हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया है और कहा है कि उनका संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा|”

गायत्री प्रजापति को जमानत देने वाला जज निलंबित

इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति ने रेप के एक मामले में आरोपी उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजाप्रति को जमानत देने वाले न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्रा को निलंबित कर दिया है| मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोंसले ने न्यायाधीश द्वारा समाजवादी पार्टी के नेता को जमानत दिए जाने पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अतिरिक्त जिला और सत्र अदालत के न्यायाधीश की सभी शक्तियां भी छीन लीं|

मिश्रा लखनऊ में बाल यौन अपराध संरक्षण (पोस्को) अदालत में थे। वह 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले हैं| हाईकोर्ट के महापंजीयक डी.के. सिंह ने शनिवार को मिश्रा के निलंबन की पुष्टि की| हाईकोर्ट में शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला आया है, जिसमें योगी आदित्यनाथ सरकार ने दागी मंत्री को जमानत दिए जाने को चुनौती दी थी|




गायत्री प्रजापति पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में खनन और परिवहन मंत्री थे| उनके खिलाफ अवैध खनन को संरक्षण देने के आरोप की सीबीआई जांच भी जारी है| अमेठी से पूर्व विधायक पर एक महिला के साथ दुष्कर्म और उसकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के प्रयास का आरोप है|

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