गैंगरेप के आरोपी गायत्री प्रजापति समेत 7 के खिलाफ NBW, पासपोर्ट कैंसिल

लखनऊ। गैंगरेप के आरोप से घिरे यूपी के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की तलाश में पुलिस ने कानपुर, अमेठी समेत कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। देश छोड़ने की आशंका के चलते पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश लक्ष्मीकांत राठौर ने गायत्री का पासपोर्ट चार हफ्तों के लिये कैंसिल कर दिया है। इसी के साथ गायत्री समेत सात आरोपियों के खिलाफ एनबीडबल्यू(NBW) जारी कर दिया है।




वहीं पुलिस की पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है कि पीड़ित महिला के मोबाइल की लोकेशन करीब एक साल पहले मंत्री गायत्री प्रजापति के घर के आसपास ही मिली है। कॉल डिटेल खँगालने के बाद यह भी सामने आया कि पीड़िता से गायत्री ने मोबाइल पर बातचीत भी की थी। 17 जुलाई, 2016 को भी महिला की लोकेशन गायत्री के घर पर ही निकली थी।



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11 मार्च के इंतजार में पुलिस—

सूत्रों की मानें तो गायत्री प्रजापति लखनऊ में ही मौजूद है। लखनऊ में गायत्री के काफी गुर्गे हैं। इसलिए गिरफ्तारी के समय कुछ भी हो सकता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गायत्री की गिरफ्तारी होगी लेकिन उससे पहले पुलिस 11 मार्च को निकलने वाले चुनाव परिणाम को देखना चाहती है। अगर सपा सरकार सत्ता में वापस आती है तो पुलिस की खैर नहीं और यदि दूसरी सरकार बनती है तो पुलिस को इसका इनाम भी मिल सकता है।




भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या का कहना है कि गायत्री प्रजापति का फरार होना प्री-प्लॉन्ड है। जिस मंत्री के साथ यूपी पुलिस की सुरक्षा है, उसे ही पुलिस नहीं ढूंढ पा रही है। अखिलेश सरकार की हाईटेक पुलिस फरार मंत्री को ढूंढ पाने में नाकाम साबित हो रही है।