गाजीपुर: दलबदलू प्रमुख के चक्कर में दिव्यांग मंत्री व अंसारी बंधुओं के समर्थक आमने-सामने

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गाजीपुर: आखिर क्या बात है कि सब कुछ जानकर भी चुनाव जिताया पूर्व मंत्री शादाब फातिमा ने अब कुर्सी बचा रहे इलाकाई विधायक व दिब्यांग मंत्री ओमप्रकाश राजभर और विरोध मे है अंसारी बंधु। डीएम के बालाजी ने कासिमाबाद ब्लाक प्रमुख श्याम नारायण राम के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तारीख तय कर दी है। जिससे जहूराबाद विधानसभा में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी हैं। डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 22 अप्रैल की सुबह दस बजे कासिमाबाद क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम कासिमाबाद भगवानदीन करेंगे।

ज्ञात हो कि 26 मार्च को विरोधी खेमे के बीडीसी सदस्यों ने अनिल राम की अगुवाई में डीएम से मिल कर प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दी थी। नोटिस के साथ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में कुल 120 सदस्यों में 81 सदस्यों के शपथ पत्र भी दिए गए थे। लेकिन दूसरे दिन ब्लाक प्रमुख श्याम नारायण भी डीएम से मिले थे और उन्होंने अपने पक्ष में 76 बीडीसी सदस्यों के शपथ पत्र सौंपे थे लेकिन डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तारीख तय कर दी है।

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ब्लाक प्रमुख श्याम नारायण भासपा में हैं और भासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व योगी सरकार के विवादित मंत्री ओमप्रकाश राजभर उनकी कुर्सी बचाने में हर संभव कोशिश कर रहे है। जबकि क्षेत्रीय राजनीति में भासपा की सहयोगी भाजपा के नेता भी पर्दे के पीछे से श्याम नारायण की खिलाफत कर रहे है दूसरी तरफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में बसपा और सपा पूरी तरह एकजुट हैं।

श्याम नारायण कभी बसपा में थे लेकिन ब्लाक प्रमुख चुनाव में कुर्सी हथियाने के लिए वह तत्कालीन पार्टी सपा का हाथ थाम लिए थे। चुनाव में विरोध में अंसारी बंधुओं के खास कांता राम थे लेकिन प्रदेश सरकार की तत्कालीन मंत्री शादाब फातिमा की कृपा से वह प्रमुख की कुर्सी पर काबिज होने में सफल हो गए थे। उनके चयन पर अंसारी बंधुओं ने सरकारी मशीनरी के खुलेआम दुरुपयोग का मय साक्ष्य आरोप भी लगाया था लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई थी। बाद में अंसारी बंधु बसपा में आ गए।

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फिर कांता राम का भी निधन हो गया। अंसारी बंधुओं ने कांता राम की रिक्त सीट से उनके बेटे अनिल राम को जीत दिलाई और अब उनकी पूरी कोशिश है कि अनिल राम को प्रमुख बना कर अपने दिवंगत साथी के ख्वाब को पूरा किया जाए। वैसे अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस के बाद भासपा जिलाध्यक्ष रामजी राजभर ने दावा किया था कि अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा।

लेकिन राजनीति पर नजर रखने वालों का कहना है कि अंसारी बंधुओं की बिछाई बिसात में श्याम नारायण चित हो जाएं तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।

रिपोर्ट- राकेश पांडे

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