‘भूत’ पकड़ने में नाकाम दरोगा लाइन हाजिर, ये है पूरा मामला

गाजीपुर पुलिस, भूत
'भूत' पकड़ने में नाकाम दरोगा लाइन हाजिर, ये है पूरा मामला

Gazipur Police Sub Inspector Suspended For Not Be Able To Do This

गाजीपुर। बीते दिनों सड़क दुर्घटना में मौत के बाद हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने डेढ दर्जन नामजद व एक सौ पचास अज्ञात लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें एक मृतक भी शामिल है, जिसकी मौत तीन साल पूर्व बीमारी के बाद हुई थी। इस बात से यह साफ हो जाता है कि पुलिस ने मामले में शामिल लोगो की सूची स्वविवेक की बजाय इलाकाई नेताओं की सिपारिश पर बनाया है।

एक सप्ताह पूर्व खानापुर थाना क्षेत्र के तलिया इलाके में एक वाहन की चपेट में आकर भिखारी यादव की मौत हो गई थी और घटना के दो घंटे बाद दुर्घटना में शामिल कार मालिक के विद्यालय पर ग्रामीणो का हूूजूुम पहुंचा और आगजनी के साथ-साथ तोड़ फोड़ भी की गयी। जिसमें विद्यालय की ओर से लाखो की क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया था और इलाकाई पुलिस ने आनन फानन में डेढ़ दर्जन अज्ञात लोगो के साथ-साथ अहलादपुर निवासी स्व0 राकेश यादव पुत्र जदुनाथ को ही नामजद कर दिया।
राकेश की मौत तीन साल पूर्व बीमारी के बाद हो गई थी। चर्चा है कि पुलिस इतने तनाव और दबाव में थी कि उसे यह भी समझ नही आया कि जितने लोगो को नामजद किया जा रहा है उसमें तीन साल पूर्व मर चुका राकेश भी शामिल है। पुलिस की इस कार्यवाही से समाजवादी पार्टी के साथ-साथ मामले में अपनी दखल रखने वाले लोगो को शासन प्रशासन की कार्यवाही पर उंगली उठाने का आसान मौका मिल गया है। इस मामले पर पुलिस विभाग के बड़े अफसर भी मुॅह खोलने को तैयार नही है।
मृतक राकेश की पत्नी बच्चे व उसके रिश्तेदार भी पुलिस के इस रवैये से सहमे हुये है। मृतक राकेश के परिजनों से मिलने पहुॅचे समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष नन्हकू सिंह यादव व पूर्व मंत्री सुधीर सिंह यादव ने कहाॅ है कि पुलिस सामन्तवादियों के इशारे पर चल रही है और उसे मामले को जानने समझने के बजाय उसे उलझाने में ज्यादा आनन्द आ रहा है।

मामला मीडिया में आने के बाद एसपी सोमेन वर्मा ने थानाध्यक्ष खानपुर को लाईन हाजिर कर दिया है।

गाजीपुर। बीते दिनों सड़क दुर्घटना में मौत के बाद हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने डेढ दर्जन नामजद व एक सौ पचास अज्ञात लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें एक मृतक भी शामिल है, जिसकी मौत तीन साल पूर्व बीमारी के बाद हुई थी। इस बात से यह साफ हो जाता है कि पुलिस ने मामले में शामिल लोगो की सूची स्वविवेक की बजाय इलाकाई नेताओं की सिपारिश पर बनाया है। एक सप्ताह पूर्व खानापुर…