यूपी: गाजीपुर से शुरू हुआ सरकारी आदेशों व निजी स्कूलों में सांप-छछुंदर का खेल

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Gazipur Private Schools

गाजीपुर। गाजीपुर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन की बैठक एमजेआरपी पब्लिक स्कूल जगदीशपुरम में शुक्रवार को सम्पन्न हुई। ज्ञात हो कि यह वहीं विद्यालय है जहां एल व यू केजी काएडमिशन, स्टेशनरी, टयूसन, टिफिन, शूजशाक्स, पेंसिल, ड्रेस, टाई, बेस्ट व आदि इत्यादि के साथ सिफॅ एक माह की फीस के मद्देनजर 15 से पच्चीस हजार रूपये दो दशकों से वसूल रहे है। इसके बाद भी बीच बीच मे तीन बार परीक्षा शुल्क भी व तमाम शुल्क आसानी से वसूलते रहे है। ऐसे बिद्यालयो की संख्या यूपी के हर जिले में दो दजॅन है।

देश भर के समस्त निजी स्कूलों के प्रति सरकार की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध व किसी भी बात पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक व कर्मचारी को अनैतिक तरीके से परेशान किया जाता है। जिससे निश्चय ही शिक्षा के स्तार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उपरोक्त विषय को ध्यान में रखते हुए नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूसल एलायंस के आह्वान पर 7 अप्रैल को देश भर के समस्त निजी विद्यालय बंद रहेंगे उसी क्रम में जनपद के सीबीएसई एवं आईसीएसई से संबद्ध निजी विद्यालय उक्त ति‍थि पर सर्वसम्मति से बंद रखने का निर्णय लिया है।

इस बैठक में शाहफैज पब्लिक स्कूंल, सनबीन स्कूल, माउंट लिट्रा जी स्कूल, तूलिका पब्लिक स्कूल, डीडी पब्लिक स्कूल, रामदूत इंटरनेशनल स्कूूल, सनशाइन पब्लिक स्कूल जमानियां, क्रिसेंट स्कूिल दिलदारनगर, वेद इंटरनेशनल स्कूल, सैदपुर, ग्लो‍रियस पब्लिक स्कूल छावनी लाईन, रेनबो मार्डन स्कूल नंदगंज, सन फ्लावर कान्वेंट स्कूल नंदगंज आदि स्कूल के प्रतिनिधि उपस्थित थें।

लोगो का कहना है कि सरकार की सख्ती के बाद पूवाॅचल में शिक्षा की वेल्स मेन्टेन दुकान चलाने वाले शिक्षा के कारोबारी सरकारी सख्ती से परेशान हो बचाव का रास्ता निकालने के प्रयास में है।निजी बिद्यालयो की मनमानी से आजिज अविभावको के मौजूदा तेवर और सरकारी रवैये से निजी बिद्यालयो की हालत साँप छछुंन्दर की होने की कगार पर है।

रिपोर्ट-राकेश पांडे

गाजीपुर। गाजीपुर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन की बैठक एमजेआरपी पब्लिक स्कूल जगदीशपुरम में शुक्रवार को सम्पन्न हुई। ज्ञात हो कि यह वहीं विद्यालय है जहां एल व यू केजी काएडमिशन, स्टेशनरी, टयूसन, टिफिन, शूजशाक्स, पेंसिल, ड्रेस, टाई, बेस्ट व आदि इत्यादि के साथ सिफॅ एक माह की फीस के मद्देनजर 15 से पच्चीस हजार रूपये दो दशकों से वसूल रहे है। इसके बाद भी बीच बीच मे तीन बार परीक्षा शुल्क भी व तमाम शुल्क आसानी से वसूलते रहे है। ऐसे…