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GDP दर 6 साल में सबसे कम, ग्रोथ रेट जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.5% रही

Gdp Rate Lowest In 6 Years Growth Rate Was 4 5 In July September Quarter

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। शुक्रवार को सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था में जुलाई से सितंबर के बीच बीते 6 सालों में सबसे  निचले स्तर पर पहुंच गया है। चालू वित्त वर्ष के दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर माह के लिए सकल घरलू उत्पाद (GDP Growth Rate) घटकर 4.5 फीसदी के स्तर पर आ गया है। इसके पहले की तिमाही में यह जीडीपी दर  5 फीसदी के स्तर पर था।  

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जीवीए भी घटकर 4.3 फीसदी के स्तर पर

सितंबर तिमाही के लिए ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) भी घटकर 4.3 फीसदी के स्तर पर था। पहली तिमाही में यह 4.9 फीसदी के स्तर पर था। एक साल पहले सामान अवधि में यह 6.9 फीसदी था।

पहले 7 महीने में ही राजकोषीय घाटा लक्ष्य से पार

राजकोषीय घाटा के मोर्चे पर भी बुरी खबर है। 2018-19 के पहले 7 महीनों यानी अप्रैल से अक्टूबर के बीच ही राजकोषीय घाटा मौजूदा वित्त वर्ष के लक्ष्य से ज्यादा हो गया है। पहले 7 महीनों में राजकोषीय घाटा 7.2 ट्रिलियन रुपये (100.32 अरब डॉलर) रहा जो बजट में मौजूदा वित्त वर्ष के लिए रखे टारगेट का 102.4 प्रतिशत है।

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सरकार की तरफ से शुक्रवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में सरकार को 6.83 ट्रिलियन रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि खर्च 16.55 ट्रिलियन रुपये रहा।  

आरबीआई रेपो रेट 0.25% और घटा सकता है: रिपोर्ट

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए आरबीआई 3-5 दिसंबर को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रेपो रेट में फिर से 0.25% कटौती कर सकता है। ऐसा हुआ तो ये रेपो रेट में लगातार छठी बार कटौती होगी। अर्थव्यवस्था में सुधार की कोशिशों में सरकार ने भी पिछले महीनों में कॉर्पोरेट टैक्स घटाने समेत कई कदम उठाए।  

क्या होती है GDP

जीडीपी किसी ख़ास अवधि के दौरान वस्तु और सेवाओं के उत्पादन की कुल क़ीमत है। भारत में जीडीपी की गणना हर तीसरे महीने यानी तिमाही आधार पर होती है। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये उत्पादन या सेवाएं देश के भीतर ही होनी चाहिए।  

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