बैन के बावजूद J-K में कैसे चल रहा था गिलानी का इंटरनेट, दो BSNL कर्मी सस्पेंड

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बैन के बावजूद J-K में कैसे चल रहा था गिलानी का इंटरनेट, दो BSNL कर्मी सस्पेंड

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाए जाने के बाद मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर बैन लगा हुआ है। कश्मीर घाटी में अभी सिर्फ लैंडलाइन फोन ही चालू किए गए हैं। इसी बीच जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लगाने और इंटरनेट बैन करने के बावजूद अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के ट्वीट करने के मामले में दो बीएसएनएल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।

Geelanis Internet Was Running In J K Despite Ban Two Bsnl Personnel Suspended :

आरोप है कि दोनों ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नाता अली शाह गिलानी को प्रतिबंध को ताक पर रखकर इंटरनेट लिंक मुहैया कराया हुआ था। इस दौरान गिलानी ने अपने कथित अकाउंट से कई ट्वीट भी किए थे। हालांकि यह अकाउंट वेरिफाइड नहीं है। अकाउंट की प्रोफाइल में गिलानी की तस्वीर के साथ लिखा है कि यह मेरा ऑफिशल अकाउंट है।

गिलानी के इस कथित अकाउंट से ट्वीट होने के बाद सवाल उठे कि जब पूरे प्रदेश में इंटरनेट पर बैन लगा हुआ था तो गिलानी के पास कैसे यह सुविधा पहुंची। 4 अगस्त के बाद से इस अकाउंट से कई ट्वीट किए गए। रविवार रात को भी गिलानी के इस कथित अकाउंट से आपत्तिजनक ट्वीट किया गया।

फिलहाल घाटी में फोन सेवाएं धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं। यहां पर स्कूलों को खोला गया है और धारा 144 में ढील दी गई है। श्रीनगर में आज से स्कूल, लैंडलाइन खुलेंगे। करीब 14 दिन बाद घाटी में स्कूल-कॉलेज खुलने जा रहे हैं, ऐसे में एक बार फिर सुरक्षाबलों के लिए शांत माहौल बनाने की चुनौती है. अनुच्छेद 370 कमजोर होने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से ही कश्मीर में धारा 144 लागू थी।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग की तरफ से सोमवार सुबह एक बयान जारी किया गया है। पुलिस द्वारा बताया गया कि एक अफवाह फैलाई जा रही है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के हथियार जब्त किए जा रहे हैं, लेकिन ये अफवाह गलत हैं। गृह विभाग की तरफ से अपील की गई है कि इस तरह की किसी खबर पर विश्वास ना करें।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाए जाने के बाद मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर बैन लगा हुआ है। कश्मीर घाटी में अभी सिर्फ लैंडलाइन फोन ही चालू किए गए हैं। इसी बीच जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लगाने और इंटरनेट बैन करने के बावजूद अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के ट्वीट करने के मामले में दो बीएसएनएल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि दोनों ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नाता अली शाह गिलानी को प्रतिबंध को ताक पर रखकर इंटरनेट लिंक मुहैया कराया हुआ था। इस दौरान गिलानी ने अपने कथित अकाउंट से कई ट्वीट भी किए थे। हालांकि यह अकाउंट वेरिफाइड नहीं है। अकाउंट की प्रोफाइल में गिलानी की तस्वीर के साथ लिखा है कि यह मेरा ऑफिशल अकाउंट है। गिलानी के इस कथित अकाउंट से ट्वीट होने के बाद सवाल उठे कि जब पूरे प्रदेश में इंटरनेट पर बैन लगा हुआ था तो गिलानी के पास कैसे यह सुविधा पहुंची। 4 अगस्त के बाद से इस अकाउंट से कई ट्वीट किए गए। रविवार रात को भी गिलानी के इस कथित अकाउंट से आपत्तिजनक ट्वीट किया गया। फिलहाल घाटी में फोन सेवाएं धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं। यहां पर स्कूलों को खोला गया है और धारा 144 में ढील दी गई है। श्रीनगर में आज से स्कूल, लैंडलाइन खुलेंगे। करीब 14 दिन बाद घाटी में स्कूल-कॉलेज खुलने जा रहे हैं, ऐसे में एक बार फिर सुरक्षाबलों के लिए शांत माहौल बनाने की चुनौती है. अनुच्छेद 370 कमजोर होने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से ही कश्मीर में धारा 144 लागू थी। वहीं, जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग की तरफ से सोमवार सुबह एक बयान जारी किया गया है। पुलिस द्वारा बताया गया कि एक अफवाह फैलाई जा रही है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के हथियार जब्त किए जा रहे हैं, लेकिन ये अफवाह गलत हैं। गृह विभाग की तरफ से अपील की गई है कि इस तरह की किसी खबर पर विश्वास ना करें।